मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, फैसले के बाद लीगल टीम से मिले नेता

सुल्तानपुर की अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि के मामले में बरी कर दिया है। जानें क्या था पूरा मामला और कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया रही।

Sushant Singh26 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, फैसले के बाद लीगल टीम से मिले नेता

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की एक विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें मानहानि के एक पुराने मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी ने अपनी कानूनी टीम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात की।

यह पूरा विवाद साल 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा था। राहुल गांधी ने उस दौरान कुछ टिप्पणियां की थीं, जिन्हें मानहानिकारक बताया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने 2018 में दर्ज इस आपराधिक मानहानि के मुकदमे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि राहुल गांधी द्वारा कही गई बातें मानहानि की श्रेणी में नहीं आती हैं।

बता दें कि इस मामले में 2005 के सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस का जिक्र करते हुए "हत्या का आरोपी" शब्द का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इस मामले में अमित शाह का नाम भी शुरुआती जांच में आया था, लेकिन दिसंबर 2014 में मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया था।

कांग्रेस ने फैसले को बताया 'सत्य की जीत'

कोर्ट के इस फैसले का कांग्रेस पार्टी ने जोरदार स्वागत किया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सच की हमेशा जीत होती है और जब भी राहुल गांधी सच बोलते हैं, भाजपा के सदस्य उन पर हमला करते हैं। उन्होंने इस फैसले को सच्चाई की जीत करार दिया।

वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने इसे झूठ पर सत्य की विजय बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और सच को ज्यादा समय तक दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राहुल गांधी को फंसाने की कोशिशें हमेशा होती रही हैं, लेकिन न्यायपालिका का यह निर्णय सही और निष्पक्ष है।

राहुल गांधी की पैरवी कर रहे वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता विजय मिश्रा इस मामले में 'पीड़ित व्यक्ति' की श्रेणी में नहीं आते, जिसके कारण यह मामला खारिज कर दिया गया। वकील ने कहा कि हालांकि अभी विस्तृत फैसले का अध्ययन करना बाकी है, लेकिन राहुल गांधी का बरी होना खुशी की बात है।

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