राहुल गांधी को बड़ी राहत: सुल्तानपुर कोर्ट ने मानहानि मामले में किया बरी
सुल्तानपुर की विशेष कोर्ट ने अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया है। जानिए क्या था पूरा मामला।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मानहानि मामला में बड़ी कानूनी जीत हासिल की है। सुल्तानपुर की विशेष सांसद-विधायक (MP-MLA) कोर्ट ने उन्हें 2018 के एक आपराधिक मानहानि मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियां मानहानि की श्रेणी में नहीं आती हैं। जब अदालत ने यह फैसला सुनाया, तब रायबरेली के सांसद राहुल गांधी खुद कोर्ट में मौजूद थे।
क्या था पूरा विवाद और कानूनी प्रक्रिया?
यह पूरा मामला साल 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक रैली में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कुछ टिप्पणियां की थीं। इन बयानों को लेकर भाजपा नेता और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और 500 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें मानहानि के लिए अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है। कानूनी प्रक्रिया के तहत राहुल गांधी को 27 नवंबर 2023 को ट्रायल के लिए तलब किया गया था, जिसके बाद 20 फरवरी 2024 को उन्होंने अदालत में पेश होकर जमानत ली थी।
इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें 9 अक्टूबर 2026 को पूरी हो गई थीं। हालांकि फैसला 13 अक्टूबर को आना था, लेकिन इसे बदलकर 26 अक्टूबर 2026 तय किया गया। कोर्ट में राहुल गांधी की ओर से वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने पैरवी की, जबकि शिकायतकर्ता विजय मिश्रा की तरफ से संतोष कुमार पांडे पेश हुए।
अतिरिक्त सिविल जज शुभम वर्मा द्वारा सुनाए गए इस फैसले के बाद राहुल गांधी के समर्थकों ने खुशी जताई और इसे सच्चाई की जीत बताया है।