रायबरेली पुलिस में बड़ा फेरबदल: 7 इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर के तबादले

एसपी रवि कुमार ने रायबरेली पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कई थानों के नए एसएचओ नियुक्त किए गए हैं।

Shubham Singh7 October 20262 min read10 viewsउत्तर प्रदेश
रायबरेली पुलिस में बड़ा फेरबदल: 7 इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर के तबादले

रायबरेली जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने और पुलिसिंग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) रवि कुमार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस फेरबदल के तहत जिले के सात इंस्पेक्टरों और एक सब-इंस्पेक्टर का तबादला कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पुलिस के कामकाज में सुधार लाना और लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण करना है।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव उन थानों में देखने को मिला है, जहां लंबे समय से स्थायी इंस्पेक्टर की कमी थी। एसपी ने उच्चहर और सरेनी पुलिस स्टेशनों के लिए नए एसएचओ (SHO) की नियुक्ति की है। आदेश के मुताबिक, पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर मनबोध तिवारी को उच्चहर का नया एसएचओ बनाया गया है, जबकि एसपी के पीआरओ रहे इंस्पेक्टर विंध्य विनय रावत अब सरेनी थाने की कमान संभालेंगे।

अन्य तबादलों की बात करें तो पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर बलवंत सिंह शाही को शिवगढ़ का एसएचओ नियुक्त किया गया है। वहीं, शिवगढ़ के पूर्व एसएचओ राजीव सिंह का तबादला अब चंदापुर थाने के एसएचओ के रूप में हुआ है। चंदापुर के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर अरविंद सिंह को उनके पद से मुक्त कर दूसरे जिले के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है।

प्रशासनिक ढांचे को दुरुस्त करने के लिए इंस्पेक्टर अंजेश सिंह को पुलिस लाइन से एसपी के पीआरओ के पद पर तैनात किया गया है। वहीं, इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सेल की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अब मॉनिटरिंग सेल का प्रभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा, क्राइम ब्रांच में तैनात सब-इंस्पेक्टर बाबू खान को अब इलेक्शन सेल में भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह पुनर्गठन कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदों का कार्यभार संभालने का निर्देश दिया है। एसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अपराध नियंत्रण में लापरवाही, शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने या लंबित मामलों को सुलझाने में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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