रायबरेली में PET-2026 परीक्षा की तैयारी पूरी, 24 केंद्रों पर 58 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल
रायबरेली में PET-2026 परीक्षा के लिए 24 केंद्र तैयार हैं। DM सरनीत कौर ब्रोका ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया, 58 हजार से ज्यादा छात्र होंगे शामिल।

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित होने वाली प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET)-2026 को लेकर रायबरेली जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और नकल विहीन माहौल में संपन्न हो। इसी सिलसिले में जिला मजिस्ट्रेट सरनीत कौर ब्रोका ने शनिवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, ताकि अंतिम समय की तैयारियों का जायजा लिया जा सके।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज जैसे प्रमुख केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने वहां सुरक्षा इंतजामों, परीक्षार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया, बैठने की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से जांच की। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परीक्षा की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परीक्षा का शेड्यूल और सख्त गाइडलाइंस
रायबरेली जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 24 केंद्र बनाए गए हैं। यह परीक्षा तीन अलग-अलग तारीखों— 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया छह शिफ्टों में पूरी होगी, जिसमें हर दिन दो शिफ्ट होंगी। पहली शिफ्ट सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक चलेगी।
आंकड़ों की बात करें तो हर शिफ्ट में 9,744 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिससे जिले में कुल 58,464 उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट, ऑब्जर्वर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कैलकुलेटर और इलेक्ट्रॉनिक घड़ियों सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को केंद्र के अंदर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। खास बात यह है कि यह नियम न केवल परीक्षार्थियों के लिए, बल्कि वहां तैनात शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों पर भी समान रूप से लागू होगा। इसके अलावा, केंद्रों पर साफ-सफाई, पीने के पानी, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।