रायबरेली: 15 साल की किशोरी का खून से लथपथ शव मिला, परिजनों ने लगाया रेप और हत्या का आरोप
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। लालगंज कोतवाली इलाके में एक 15 साल की किशोरी का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यह किशोरी पिछले एक दिन से लापता थी, जिसकी तलाश में जुटे परिजनों को आज उसका शव मिला। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और परिवार गहरे सदमे में है।
मृतका के परिजनों ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि स्थानीय युवक पिंकू ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। परिजनों ने खुलेआम पिंकू पर इस जघन्य अपराध का आरोप लगाया है और न्याय की गुहार लगाई है। हालांकि, पुलिस की थ्योरी इस मामले में बिल्कुल अलग है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला हत्या का नहीं, बल्कि एक सड़क हादसे का है। पुलिस के इस दावे ने पीड़ित परिवार के गुस्से को और बढ़ा दिया है, क्योंकि उनका मानना है कि पुलिस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है।
इलाके में बढ़ता अपराध और पुलिस की चुनौती
रायबरेली का यह क्षेत्र पिछले कुछ समय से आपराधिक घटनाओं और नाबालिगों के साथ होने वाले हादसों का केंद्र बना हुआ है। साल 2026 में ही जिले में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालिया उदाहरणों में 9 अक्टूबर को एक कार में मां-बेटी पर हमला और 10 अक्टूबर को लालगंज में एक बाइक सवार की सड़क हादसे में मौत शामिल है।
इससे पहले अगस्त में भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था, जहां एक 17 साल की किशोरी के अपहरण और जहरीला पदार्थ खिलाने के आरोप में गौरव यादव को गिरफ्तार किया गया था। सितंबर में नसीराबाद में एक लड़की का शव फंदे से लटका मिला था, जबकि फरवरी में लालगंज में फैक्ट्री कर्मियों द्वारा उत्पीड़न के आरोप के बाद एक आत्महत्या का मामला दर्ज हुआ था।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन परिजनों और प्रशासन के बीच मौत के कारणों को लेकर गहरा मतभेद बना हुआ है। अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या पिंकू के खिलाफ कोई ठोस सबूत मिलते हैं या यह वाकई एक हादसा था।