रायबरेली: अवैध खनन से सड़कें और फसलें तबाह, ग्रामीणों ने SDM से लगाई गुहार

Sushant Singh18 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक बार फिर रायबरेली अवैध खनन का मामला गरमा गया है। सिटी कोतवाली इलाके के नकफुल्हा और चंदौली गांवों के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से मिट्टी का खनन किया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है।

परेशान ग्रामीणों ने इस संबंध में उप-जिलाधिकारी (SDM) सदर और जिला खनन विभाग को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि खनन माफिया जेसीबी मशीनों और डंपरों का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण गांव के चक रोड पूरी तरह टूट चुके हैं। इतना ही नहीं, इस अवैध खुदाई की चपेट में आने से किसानों की खड़ी धान की फसलें भी बर्बाद हो गई हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विरोध करने पर मिल रही धमकियां, जांच की मांग

ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया है कि जब भी कोई व्यक्ति इस अवैध कार्य का विरोध करने की कोशिश करता है, तो खनन में लिप्त लोग उन्हें हिंसा और जान-माल की धमकी देते हैं। डरे हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यह जांच की जाए कि क्या इन साइटों पर खनन के लिए कोई वैध परमिट मौजूद है या यह सब पूरी तरह गैरकानूनी है।

पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और टूटी हुई सड़कों की मरम्मत के लिए जल्द से जल्द फंड जारी किया जाए। इस मामले को सोशल मीडिया के जरिए भी उठाया गया है और जिलाधिकारी रायबरेली को टैग कर न्याय की गुहार लगाई गई है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार और भूविज्ञान एवं खनन निदेशालय ने अवैध खनन की शिकायतों के लिए 24x7 टोल-फ्री IVRS कॉल सेंटर (18001231171) की सुविधा दी है। हालांकि, रायबरेली के लोधवारी, लालगंज और बछरावन जैसे इलाकों में पहले भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मशीनें जब्त की हैं और भारी जुर्माना लगाया है, लेकिन फिर भी जिले में अवैध मिट्टी खनन की समस्या समय-समय पर उभर कर सामने आती रहती है।

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