फर्रुखाबाद: पंजाबी महासभा ने निभाई इंसानियत, लावारिस अस्थियों का किया विसर्जन

अक्सर समाज में हम देखते हैं कि कई लोग ऐसे होते हैं जिनके अंतिम समय में उनके पास कोई अपना नहीं होता। इसी मानवीय संवेदना को समझते हुए फर्रुखाबाद में पंजाबी महासभा के सदस्यों ने एक सराहनीय कदम उठाया है। रामनगर के पार्षद गोपाल कृष्ण बिन्नू के नेतृत्व में महासभा के सदस्यों ने उन लावारिस अस्थियों का पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विसर्जन किया, जिनका कोई वारिस नहीं था।
यह पूरी प्रक्रिया पांचाल घाट पर संपन्न हुई, जहां श्रद्धा और सम्मान के साथ इन आत्माओं को विदाई दी गई। इस नेक काम के लिए स्वयंसेवकों ने लालपुर मोक्ष धाम और गर्रा मोक्ष धाम श्मशानों से उन अस्थियों को एकत्रित किया, जो लंबे समय से वहां रखी थीं क्योंकि उनके अंतिम संस्कार के बाद विसर्जन करने वाला कोई रिश्तेदार नहीं आया था।
मानवीय कर्तव्य की मिसाल
पंजाबी महासभा का मानना है कि हर इंसान को सम्मानजनक विदाई का हक है, चाहे उसके पास परिवार हो या न हो। इस अभियान में किशन लाल छाबड़ा, विनय चड्ढा, लाजपत राय बत्रा, रोमी आनंद, सतीश आनंद, प्रेम प्रकाश नंद, ग्रोवर, जगदीश गांधी, राजू मेहंदी दत्ता, श्याम सुंदर कपूर, राजू, भारत भूषण जोहरी और प्रमोद जैसे सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस मानवीय पहल की चर्चा शाहजहाँपुर तक पहुंची, जहाँ जिला मजिस्ट्रेट, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और नगर आयुक्त ने भी इस कार्य को सराहा। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि समाज के लिए यह संदेश भी था कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।