प्रो. डॉ. अरविंद नाथ तिवारी को मिलेगा 'साहित्य विभूषण श्री' सम्मान, बदायूं में होगा समारोह

साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले प्रो. डॉ. अरविंद नाथ तिवारी को एक और प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली में स्थित के.बी. हिन्दी सेवा न्यास द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रम में उन्हें 'साहित्य विभूषण श्री' सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह गरिमामयी समारोह 22 नवंबर को बिसौली के आर.के. इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित होगा, जहां उन्हें प्रशस्तिपत्र, मोमेंटो, अंगवस्त्र और 2,100 रुपये की नकद राशि भेंट की जाएगी।
साहित्य और समाजसेवा में अतुलनीय योगदान
प्रो. तिवारी वर्तमान में बगहा स्थित पीयूएसटी महिला महाविद्यालय में इतिहास विभाग के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे न केवल शिक्षा जगत, बल्कि पत्रकारिता और समाजसेवा में भी लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनकी लेखनी का प्रभाव उनकी चार प्रमुख पुस्तकों— 'प्रश्नगत चम्पारण', 'गायत्री ध्यान साधना', 'महानायक मंगल पाण्डेय' और 'भारत के कर्णधार' में स्पष्ट रूप से झलकता है।
यह पहली बार नहीं है जब प्रो. तिवारी को उनके कार्यों के लिए सराहा गया हो। अब तक उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थाओं द्वारा लगभग 40 सम्मान मिल चुके हैं। उनके प्रमुख सम्मानों में अटल बिहारी वाजपेयी सम्मान, डॉ. भीमराव आंबेडकर सम्मान, कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला सम्मान, हिन्दी रत्न, ज्ञान रत्न और पत्रकार श्री सम्मान शामिल हैं।
उनकी उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। हाल ही में पांडिचेरी विश्वविद्यालय ने उन्हें वर्ष 2025 के लिए राष्ट्रीय 'आइकॉन' सम्मान से नवाजा है। साथ ही, विश्व संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण आयोग, नई दिल्ली ने उन्हें साहित्य और हिन्दी पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है। इसके अलावा, हरियाणा के रोहतक स्थित गुरु फाउंडेशन ने उन्हें 'राष्ट्र शिक्षा गौरव सम्मान-2026' से भी सम्मानित किया है।