1 नवंबर की मेगा रैली के लिए प्रियंका गांधी ने कसी कमर, यूपी-हरियाणा के नेताओं संग बनाई रणनीति
प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल ने यूपी और हरियाणा के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है।

आने वाली 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बड़ी रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए कांग्रेस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी सिलसिले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कथित "वोट चोरी" के खिलाफ आयोजित होने वाली इस रैली की तैयारियों की समीक्षा करना और कार्यकर्ताओं को लामबंद करना था।
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष आराधना मिश्रा-मोना और एआईसीसी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। पार्टी का लक्ष्य है कि इस रैली के जरिए लोकतंत्र की रक्षा का एक कड़ा संदेश दिया जाए। केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पार्टी को उम्मीद है कि रामलीला मैदान में कम से कम 10 लाख लोग जुटेंगे।
'दिल्ली चलो मार्च' के साथ होगा रैली का समापन
वेणुगोपाल ने बताया कि यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक विशाल 'दिल्ली चलो मार्च' का समापन होगी, जो 1 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेगा। उन्होंने इस आंदोलन को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन बताया। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी-शाह के इशारे पर "वोट चोरी" का खेल खेला गया है, जिसके खिलाफ देश भर से लोग बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचेंगे।
पार्टी नेताओं का मानना है कि यह रैली देश के कोने-कोने में एकता का संदेश भेजेगी और सत्ता में बैठे उन लोगों को चुनौती देगी जिन्हें वे "वोट चोर" कह रहे हैं। गौरतलब है कि 25-26 नवंबर को भी इंडिया गठबंधन एक और 'चलो दिल्ली मार्च' आयोजित करने जा रहा है, जिसमें अलग-अलग राज्यों से छह यात्राएं दिल्ली की ओर प्रस्थान करेंगी।