यूपी चुनाव 2027: प्रियंका गांधी ने कसी कमर, कांग्रेस की रणनीति बैठक में बना बड़ा प्लान

प्रियंका गांधी ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी के लिए कांग्रेस नेताओं के साथ बड़ी बैठक की। SP के साथ गठबंधन और सीटों पर चर्चा शुरू।

Shubham Singh4 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
यूपी चुनाव 2027: प्रियंका गांधी ने कसी कमर, कांग्रेस की रणनीति बैठक में बना बड़ा प्लान

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों की हलचल अभी से तेज हो गई है। कांग्रेस की दिग्गज नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने अब सीधे तौर पर राज्य में पार्टी की तैयारियों की कमान संभाल ली है। इसी सिलसिले में प्रियंका गांधी ने अपने आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण और लंबी बैठक की, जिसमें यूपी कांग्रेस के तमाम बड़े चेहरे शामिल हुए। इस तीन घंटे चली बंद कमरे की चर्चा का मुख्य मकसद 2027 के चुनाव के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना था।

बैठक में एआईसीसी के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद जैसे प्रमुख नेता मौजूद रहे। इस दौरान चुनाव के लिए कई अहम कमेटियों के गठन पर चर्चा हुई, जिनमें घोषणापत्र, कैंपेन मैनेजमेंट और समन्वय समितियां शामिल हैं। पार्टी की योजना है कि इन सभी संगठनात्मक ढांचों को अंतिम रूप देकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा जाए, जिसकी औपचारिक घोषणा दिवाली के बाद होने की उम्मीद है।

SP के साथ गठबंधन और सीटों का गणित

चुनाव की रणनीति पर बात करें तो कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह 'INDIA' गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी (SP) के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेगी। राजेंद्र पाल गौतम ने पुष्टि की है कि कांग्रेस ने संभावित सीटों की एक सूची समाजवादी पार्टी को सौंपी है, जिसमें करीब 175 से 200 सीटों के नाम शामिल हैं। पार्टी का मुख्य फोकस उन सीटों पर है जहाँ उनके जीतने की संभावना अधिक है। साथ ही, अन्य छोटे और समान विचारधारा वाले दलों के साथ भी तालमेल बिठाने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, गठबंधन तय है, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी अंदरूनी चर्चाएं जारी हैं। समाजवादी पार्टी का रुख यह है कि सीटों का आवंटन केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि उम्मीदवार की 'जीतने की क्षमता' (Winnability) को देखकर किया जाना चाहिए। इस पूरी बातचीत और सीटों के फाइनल बंटवारे में प्रियंका गांधी की भूमिका सबसे अहम होगी, क्योंकि वह अखिलेश यादव और कांग्रेस के बीच मुख्य कड़ी के रूप में काम करेंगी। फिलहाल, कांग्रेस अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने और सही उम्मीदवारों की पहचान करने में जुटी है ताकि गठबंधन में उसकी स्थिति मजबूत रहे।

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