प्रयागराज में CJP के समर्थन में भारी प्रदर्शन, 200 से ज्यादा ट्रेनें रद्द

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की मांगों को लेकर माहौल गरमा गया है। शहर के पत्थर गिरजाघर इलाके में भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए हैं, जिनमें विभिन्न छात्र संगठन भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर नारेबाजी कर रहे हैं। यह पूरा विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है, जिसकी अगुवाई CJP के नेता अभिजीत डिपके, सौरभ दास और आशुतोष रंका कर रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन का असर अब आम जनता और यातायात पर दिखने लगा है। सुरक्षा कारणों और संभावित हंगामे को देखते हुए रेल मंत्रालय ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली आने-जाने वाली 200 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इनमें 75 मेल/एक्सप्रेस और 170 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस और श्रम शक्ति एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के रद्द होने से हजारों यात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं। ट्रेनों की कमी के कारण प्रयागराज से दिल्ली के हवाई किराए में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और राजनीतिक हलचल
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। पत्थर गिरजाघर और स्थानीय परिवहन केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जुलाई 2026 में हुए प्रदर्शनों, जिसमें दस गिरफ्तारियां हुई थीं, को देखते हुए इस बार पुलिस काफी सतर्क है। वहीं दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है, जिसके बाद वहां सुरक्षा के तौर पर जनपथ-कर्तव्य पथ क्षेत्र के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
राज्य स्तर पर भी इस आंदोलन की गूंज सुनाई दे रही है। कई राजनीतिक नेताओं को नजरबंद किया गया है और टोल प्लाजा पर वाहनों से समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस के स्टिकर हटाए जा रहे हैं ताकि दिल्ली रैली में भीड़ कम की जा सके। इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आंदोलन का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने खुद को इस विरोध प्रदर्शन से अलग रखा है।