प्रयागराज: कसरी-मसरी का नाम अब हुआ 'कृष्णपुरी', माफिया के गढ़ में बनेगा गरीबों का आशियाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में एक बड़ा फैसला लेते हुए 'कसरी-मसरी' इलाके का नाम बदलकर अब 'कृष्णपुरी' कर दिया है। यह घोषणा उन्होंने 15 अक्टूबर 2026 को 'पदमलोक अपार्टमेंट' परियोजना के शिलान्यास समारोह के दौरान की। यह कदम न केवल नाम बदलने तक सीमित है, बल्कि यह उस जमीन पर बदलाव की कहानी है जो कभी माफियाओं के खौफ का केंद्र हुआ करती थी।
करीब 15 बीघा (2.5 हेक्टेयर) में फैला यह इलाका लंबे समय तक दिवंगत माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके करीबियों के अवैध कब्जे में रहा था। मुख्यमंत्री ने इस बात का जिक्र करते हुए बताया कि जिस जमीन पर आज विकास की नींव रखी जा रही है, वहां पहले घोड़ों के अस्तबल थे और कई तरह की अवैध गतिविधियां संचालित होती थीं। अब प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) इस पूरी साइट को गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए एक आधुनिक आवासीय केंद्र में बदल रहा है।
माफिया राज का अंत और विकास की नई शुरुआत
इस नई योजना के तहत यहां 'पदमलोक अपार्टमेंट' बनाया जा रहा है, जिसमें 14 मंजिला इमारतों में कुल 602 फ्लैट्स होंगे। केवल अपार्टमेंट ही नहीं, बल्कि पूरी 'कृष्णपुरी' टाउनशिप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां लगभग 1,200 परिवार रह सकेंगे। इस टाउनशिप में आधुनिक बाजार, स्पोर्ट्स पार्क और जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
नाम बदलने की यह पहल प्रयागराज पश्चिम के विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह के अनुरोध पर की गई है, जिन्होंने इस इलाके का नाम भगवान कृष्ण के नाम पर रखने की मांग की थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कड़े शब्दों में कहा कि 'कसरी-मसरी' नाम कसाईयों से जुड़ा था और अब किसी भी इलाके की पहचान माफियाओं या आपराधिक तत्वों के नाम से नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर अपराधियों के सामने झुकने का आरोप लगाते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में यह कोई पहला मौका नहीं है; इससे पहले इलाहाबाद को प्रयागराज, फैजाबाद को अयोध्या और शाहजहाँपुर के जलालाबाद को 'परशुरामपुरी' किया जा चुका है।