प्रयागराज में जमीन के नीचे दफन मिले करोड़ों रुपये, स्टील के ड्रमों से निकला नोटों का ढेर

प्रयागराज के एक घर के फर्श के नीचे स्टील के ड्रमों में दफन मिले करोड़ों रुपये। पुलिस और आयकर विभाग जांच में जुटे।

Sushant Singh29 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
प्रयागराज में जमीन के नीचे दफन मिले करोड़ों रुपये, स्टील के ड्रमों से निकला नोटों का ढेर

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहां के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस ने एक घर की खुदाई के दौरान जमीन के नीचे दफन करोड़ों रुपये बरामद किए हैं। यह पूरी कार्रवाई बुधवार शाम से शुरू होकर अगले दिन तक चली, जिसमें फर्श के नीचे छिपाई गई भारी नकदी का खुलासा हुआ।

पुलिस को घर के अंदर करीब पांच मीटर गहराई में तीन स्टील के ड्रम मिले, जिन्हें काले प्लास्टिक की शीट से लपेटा गया था। जब इन ड्रमों को खोला गया, तो अंदर 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, यह रकम 4 करोड़ से 10 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है, हालांकि गांव में चर्चा है कि यह राशि 60 करोड़ रुपये तक हो सकती है। डीसीपी गंगापार सोनम कुमार ने स्पष्ट किया है कि सटीक आंकड़े आधिकारिक गिनती के बाद ही सामने आएंगे।

पुणे से कनेक्शन और नोटबंदी का शक

यह घर यादव परिवार का बताया जा रहा है, जिसमें राकेश यादव और उनके भाई राजेश यादव (बबलू) का नाम सामने आया है। जांच में पता चला है कि बबलू यादव पहले पुणे में रहता था और साल 2020 के कोविड लॉकडाउन के दौरान वापस गांव लौटा था। पुलिस अब इस थ्योरी पर काम कर रही है कि क्या यह पैसा नोटबंदी के समय बैगों में भरकर लाया गया था और बाद में यहां छिपा दिया गया।

पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में नवाबगंज और सोरांव थाने की संयुक्त टीम शामिल थी, जिसे पुलिस कमिश्नर और एडिशनल पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर अंजाम दिया गया। इस पूरे मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या पड़ोसियों के साथ किसी विवाद के कारण इस गुप्त खजाने का राज खुला।

फिलहाल, बरामद नकदी को जब्त कर सील कर दिया गया है और मामले की गहराई से जांच के लिए आयकर विभाग (Income Tax Department) को सूचित कर दिया गया है। अधिकारी अब इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इस काली कमाई का असली स्रोत क्या है और इसमें और कौन-कौन शामिल है।

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