प्रतापगढ़: बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की टेंशन, खेतों में भीगी धान की फसल
प्रतापगढ़ में अचानक हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कटी हुई धान की फसल भीगने से किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान का डर है।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे आम लोगों को तो गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश मुसीबत बन गई है। आसमान में छाए घने बादलों के बाद हुई भारी प्रतापगढ़ बेमौसम बारिश ने उन किसानों की नींद उड़ा दी है, जिन्होंने अपनी धान की फसल काटकर खेतों और खलिहानों में सुखाने के लिए रखी थी।
जिले में अचानक हुई इस बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और सुबह से ही सर्दियों जैसा अहसास होने लगा है। हालांकि, यह ठंडक किसानों के लिए चिंता का सबब बन गई है। फसल की कटाई कर चुके किसान अपनी उपज को सुरक्षित करने की कोशिशों में जुटे थे, लेकिन तेज बारिश ने उनके काम में बाधा डाल दी। अब किसानों को डर है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो भीगी हुई धान की गुणवत्ता खराब हो जाएगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद बढ़ी परेशानी
बता दें कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद, बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किसान अपनी फसल को बचाने में नाकाम रहे।
फिलहाल, जिले के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम जल्द से जल्द साफ हो जाए, ताकि वे अपनी बची हुई फसल को सुखा सकें और उसे सुरक्षित बाजार तक पहुंचा सकें।