प्रतापगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी के शिकार 140 लोगों के 9 लाख रुपये रिकवर
प्रतापगढ़ पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 140 पीड़ितों के 9 लाख रुपये से ज्यादा की राशि रिकवर की है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

डिजिटल दौर में जहां ऑनलाइन लेन-देन आसान हुआ है, वहीं साइबर ठगों का जाल भी फैला है। लेकिन प्रतापगढ़ पुलिस ने अक्टूबर महीने में इन ठगों को करारा जवाब दिया है। पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतापगढ़ साइबर धोखाधड़ी रिकवरी अभियान के तहत 140 पीड़ितों के कुल 9,12,990.47 रुपये वापस दिलाए हैं।
यह पूरी सफलता पुलिस अधीक्षक दीपक भुकर के नेतृत्व और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्व) आलोक कुमार की देखरेख में मिली है। साइबर सेल, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और स्थानीय साइबर हेल्प डेस्क की टीम ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ठगी के इन मामलों में यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड जैसे अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल और पीड़ितों द्वारा सीधे की गई शिकायतों की गहन जांच के बाद इस राशि को रिकवर किया, जिससे पीड़ित परिवारों के चेहरे पर खुशी लौट आई है।
सावधान रहें: पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
पैसे रिकवर करने के साथ-साथ प्रतापगढ़ पुलिस ने आम जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है ताकि भविष्य में लोग ठगी का शिकार न हों। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय बेहद सतर्क रहें।
पुलिस ने लोगों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है:
- किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर (QR) कोड को स्कैन न करें।
- संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।
- अपना ओटीपी (OTP), एटीएम पिन, सीवीवी (CVV) नंबर या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें।
- अज्ञात स्रोतों से किसी भी एपीके (APK) फाइल को डाउनलोड न करें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। समय पर सूचना मिलने से ठगी गई राशि के वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।