PNB जाली नोट मामला: NIA ने दो मुख्य साजिशकर्ताओं को हरियाणा और हिमाचल से दबोचा
सहारनपुर के पीएनबी करेंसी चेस्ट में करोड़ों के जाली नोट पहुंचाने वाले गिरोह के दो और सदस्य NIA की गिरफ्त में। जानें पूरा मामला।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के जाली नोट पहुंचाने की सनसनीखेज साजिश का खुलासा हुआ है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी जाली भारतीय मुद्रा के अवैध छपाई और उसकी सप्लाई के नेटवर्क से जुड़े हुए थे, जिसके जरिए भारी मात्रा में नकली नोट बैंक के सिस्टम में घुसाए गए थे।
NIA की टीम ने इस ऑपरेशन के तहत पहली गिरफ्तारी 16 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला से की, जहां अजय कुमार नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया। इसके बाद 22 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रोंटा को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, ये दोनों आरोपी पहले से गिरफ्तार आरोपी आदेश चौधरी और इस पूरे गिरोह के करीबी सहयोगी हैं। इन लोगों ने मिलकर सहारनपुर की सिविल लाइंस स्थित PNB शाखा के करेंसी चेस्ट में जाली नोट पहुंचाने की पूरी प्लानिंग की थी।
17 करोड़ से ज्यादा के जाली नोटों का खेल
इस पूरे मामले की शुरुआत 29 अगस्त को हुई थी, जब सहारनपुर के सदर बाजार पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि PNB के करेंसी चेस्ट में करीब 17.29 करोड़ रुपये की फेस वैल्यू के जाली नोट मौजूद थे। जब मामले की गहराई से जांच हुई, तो बैंक के तीन कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई, जिन्हें बैंक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
शुरुआत में यह मामला सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 178 के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 सितंबर को NIA ने इसकी कमान संभाल ली। इससे पहले सितंबर महीने में ही NIA अमित कुमार, आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू जैसे मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
NIA अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इस साजिश में कौन-कौन से अन्य लोग शामिल थे। एजेंसी का लक्ष्य इस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करना और बाकी संदिग्धों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है।