पीलीभीत: विधवा महिला का आरोप, किराएदार ने हड़पी दुकानें और पुलिस ने मांगी 5 लाख रिश्वत
पीलीभीत में एक विधवा महिला ने किराएदार द्वारा दुकान हड़पने और पुलिस अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विधवा महिला ने न केवल अपने किराएदार पर दुकानों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है, बल्कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जड़े हैं। मोहल्ला खकरा की निवासी पूनम राणा का दावा है कि न्याय मांगने के बदले उनसे मोटी रकम की मांग की गई।
पूरा मामला सदर कोतवाली रोड स्थित दो दुकानों से जुड़ा है। पूनम राणा के मुताबिक, अमित कुमार सक्सेना नाम का एक व्यक्ति उनकी दुकानों में किराएदार था और वह 1,500 रुपये मासिक किराया देता था। चूंकि इमारत की हालत काफी जर्जर हो चुकी थी, इसलिए पूनम ने किराएदार से दुकानें खाली करने का अनुरोध किया। लेकिन यह अनुरोध एक बड़े विवाद में बदल गया।
पूनम का आरोप है कि 15 सितंबर को जब उन्होंने दुकानों से अपना सामान हटाया, तो अमित सक्सेना और उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जबरन दुकानों पर ताले जड़ दिए ताकि वह वहां प्रवेश न कर सकें।
पुलिस प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप
पीड़िता की आपबीत यहीं खत्म नहीं होती। पूनम राणा ने आरोप लगाया है कि जब वह मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचीं, तो सीओ सिटी और खकरा पुलिस चौकी प्रभारी ने उनकी मदद करने के बजाय उनसे 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। महिला का दावा है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसके अपने ही परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
इतना ही नहीं, महिला ने IGRS शिकायत संख्या 40015126027542 के तहत दी गई रिपोर्ट को भी फर्जी बताया है। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया गया और गलत रिपोर्ट पेश की गई। अब न्याय की उम्मीद में पीड़िता ने बरेली जोन के अधिकारियों से गुहार लगाई है और मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषी पुलिसकर्मियों और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।