पीलीभीत वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी, 5 अधिकारी जांच के घेरे में

पीलीभीत की सदर विधानसभा सीट की वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी सामने आई है। 5 अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू, हजारों फर्जी एंट्रीज का शक।

Sushant Singh25 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
पीलीभीत वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ी, 5 अधिकारी जांच के घेरे में

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में व्यापक अनियमितताएं पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में अब पांच अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है, जिनमें सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) शामिल हैं। प्रशासन अमरिया तहसील के करीब 150 बूथों पर हुई प्रक्रियाओं की बारीकी से समीक्षा कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर यह खेल कैसे हुआ।

जांच की कमान सदर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सतीश कुमार को सौंपी गई है, जो तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर इस पूरे मामले की छानबीन कर रहे हैं। इस जांच के दायरे में अमरिया के तहसीलदार के साथ-साथ ललौरिखेडा और अमरिया के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) और ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) भी आए हुए हैं।

हजारों संदिग्ध एंट्रीज और गायब दस्तावेज

प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह पाया गया है कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर फॉर्म-8 के जरिए 13,779 प्रविष्टियां (Entries) की गईं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनके समर्थन में कोई मूल आवेदन पत्र नहीं मिला। आंकड़ों के मुताबिक, 31 मई 2026 से 29 अगस्त 2026 के बीच इनमें से 10,470 प्रविष्टियों को मंजूरी दी गई और 3,309 को खारिज किया गया, लेकिन ऑफिस में इनसे संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।

गड़बड़ी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 10 अप्रैल से 21 अक्टूबर के बीच सदर निर्वाचन क्षेत्र में 13,779 ऑफलाइन आवेदन दर्ज किए गए, जबकि जिले की अन्य तीन विधानसभा सीटों—बरखेड़ा, बिसलपुर और पूरनपुर—में एक भी ऑफलाइन आवेदन नहीं आया। वहीं, ऑनलाइन डेटा में भी भारी अंतर देखा गया है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

इस मामले में पहले ही दो उपजिलाधिकारियों (SDM) और एक VRC ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। अब पांच अन्य अधिकारियों, जिनमें दो बीडीओ भी शामिल हैं, की जांच चल रही है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो इन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिले की सभी चार विधानसभा सीटों की वोटर लिस्ट का क्रॉस-चेक किया जा रहा है।

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