पीलीभीत में खूनी संघर्ष: रामलीला कमेटी के विवाद में तीन की हत्या, हाईवे जाम कर फूटा गुस्सा

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया कस्बे में सोमवार की रात एक खूनी संघर्ष में तीन लोगों की जान चली गई। इस ट्रिपल मर्डर के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और गुस्साए लोगों ने हरिद्वार हाईवे को जाम कर दिया। यह पूरी वारदात रामलीला मेला कमेटी के हिसाब-किताब के पुराने विवाद से जुड़ी है, जिसने अचानक हिंसक रूप ले लिया और तीन परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं।
कमेटी के पैसों का विवाद और खूनी खेल
जानकारी के मुताबिक, यह विवाद रामलीला मेला कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्ता और कौशल गुप्ता के गुट के बीच पिछले चार सालों से चल रहा था। कौशल गुप्ता का गुट कमेटी के फंड और पैसों के हिसाब की मांग कर रहा था। हालांकि, पिछले साल एक स्थानीय प्रतिनिधि के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन मनमुटाव खत्म नहीं हुआ। सोमवार रात सिटी गेट के पास दोनों गुटों की भिड़ंत हुई, जहां कौशल गुप्ता गुट की ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई।
इस हमले में अंकित गुप्ता और मोहित गुप्ता नाम के दो भाइयों समेत 15 वर्षीय कुणाल श्रीवास्तव की मौत हो गई। अंकित और कुणाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि मोहित गुप्ता की मौत बरेली ले जाते समय रास्ते में हो गई। इस गोलीबारी में एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
वारदात के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन के मोड़ पर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना था कि उन्होंने आरोपियों को पुलिस एनकाउंटर में मारने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। इस दौरान हरिद्वार हाईवे पर करीब 15 मिनट तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा और प्रदर्शनकारियों ने गुजरने वाले वाहनों को भी घेर लिया।
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अमित सिंह और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति तब नियंत्रित हुई जब अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) हिमांशु गौरव वहां पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। फिलहाल, कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात है और जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।