पीलीभीत ट्रिपल मर्डर: भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार, 8 आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया कस्बे में हुए दिल दहला देने वाले पीलीभीत ट्रिपल मर्डर केस के बाद पूरे इलाके में शोक और तनाव का माहौल है। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मारे गए तीनों युवकों का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ रामलीला कमेटी के विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया और तीन लोगों की जान चली गई।
मृतकों में कारोबारी भाई अंकित और मोहित गुप्ता शामिल थे, जबकि कुणाल श्रीवास्तव इस हिंसा की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद गमगीन था। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय व्यापारी, ग्रामीण और परिचित इस अंतिम विदाई में शामिल हुए। अंकित और मोहित के बड़े भाई रोहित ने अपने दोनों छोटे भाइयों का अंतिम संस्कार किया, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने भी शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
पैसे के विवाद में चली गोलियां, कुणाल की हुई मौत
पुलिस जांच के मुताबिक, यह पूरी वारदात रामलीला कमेटी से जुड़े एक वित्तीय विवाद का नतीजा थी। आरोप है कि कौशल गुप्ता और उसके साथियों ने विवाद के दौरान अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कुणाल श्रीवास्तव उस समय वहां से गुजर रहे थे और वे गलती से इस क्रॉसफायर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी जान चली गई।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी संतोष के शस्त्र लाइसेंस को रद्द करने का आदेश दिया है।
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए प्रशासन बेहद सतर्क है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन अलग-अलग जिलों से पुलिस बल बुलाया गया है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।