पीलीभीत: सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर शिक्षक ने रिटायर्ड कर्मचारी से ठगे 7.60 लाख

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक प्राथमिक विद्यालय के सहायक शिक्षक ने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर एक रिटायर्ड कर्मचारी के जीवन की जमा पूँजी पर हाथ साफ कर दिया। आरोपी शिक्षक ने आउटसोर्सिंग के जरिए नौकरी दिलाने का लालच देकर कुल 7.60 लाख रुपये की ठगी की है।
पूरा मामला बिसालपुर इलाके का है, जहाँ लोक निर्माण विभाग (PWD) से रिटायर्ड अमीन रहे बाल प्रकाश ने शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के मुताबिक, उनकी मुलाकात विनय कुमार नामक एक रेलवे गार्ड के जरिए सहायक शिक्षक इंद्र प्रताप सिंह से हुई थी। इंद्र प्रताप सिंह, जो जहानाबाद के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात है, उसने खुद को सरकारी विभागों में काफी रसूख वाला बताया। उसने बाल प्रकाश को भरोसा दिलाया कि वह उनके तीन बच्चों—किरण देवी, मुकेश और गिरीश पाल को सरकारी नौकरी दिलवा सकता है।
फर्जी ईमेल भेजकर लखनऊ बुलाया, फिर खुला राज
लालच में आकर बाल प्रकाश ने 20 मई से 25 जुलाई के बीच आरोपी शिक्षक को कैश और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7.60 लाख रुपये दिए। कुछ समय बाद, नौकरी के उम्मीदवारों को फर्जी ईमेल भेजे गए, जिसमें उन्हें जॉइनिंग के लिए लखनऊ पहुँचने का निर्देश दिया गया। जब बच्चे लखनऊ पहुँचे, तब उन्हें अहसास हुआ कि ऐसी कोई भर्ती ही नहीं थी और उनके साथ बड़ा खेल हो चुका है।
जब पीड़ित बाल प्रकाश ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी शिक्षक ने मदद करने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी दी। परेशान होकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी सहायक शिक्षक इंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जाँच कर रही है।