दिवाली से पहले पीलीभीत में मिलावटखोरों पर नकेल, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मारा छापा
पीलीभीत में मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन सख्त। दिवाली से पहले घी और सरसों तेल समेत कई सैंपल लिए गए, जांच रिपोर्ट के बाद होगी बड़ी कार्रवाई।

दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग मिलावट का खेल शुरू कर देते हैं। इसे रोकने के लिए पीलीभीत खाद्य सुरक्षा विभाग ने कमर कस ली है। लखनऊ के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार के निर्देशों के बाद विभाग की टीम ने शहर और आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है, ताकि आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।
इन दुकानों और डेयरी से लिए गए सैंपल
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने अलग-अलग स्थानों पर जांच की और संदेह होने पर चार नमूने (सैंपल्स) एकत्र किए। विभाग ने जिन जगहों से सैंपल लिए हैं, उनमें डेयरी और किराना स्टोर शामिल हैं:
- तंडा बिजइसी (न्युरिया): निक्की पिलानिया चौधरी के मैंगोवुड डेयरी फार्म से घी का सैंपल लिया गया।
- धियुनी केसपुर: कृष्णा जन कल्याण ट्रस्ट द्वारा संचालित क्रिश्चियन आश्रम से सरसों तेल का नमूना लिया गया।
- पिपरिया अगरु: राजू किराना स्टोर से ग्रीन ड्रेसिंग सॉस का सैंपल लिया गया।
- मझोला (तणकपुर रोड): श्री श्याम एजेंसी से कस्टर्ड पाउडर का नमूना लिया गया।
इन सभी सैंपल्स को जांच के लिए राज्य खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेज दिया गया है। सहायक आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। जैसे ही लैब से रिपोर्ट आएगी, मिलावट पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा।