पीलीभीत मतदाता सूची में गड़बड़ी: चुनाव आयोग ने दो अधिकारियों को किया निलंबित

चुनाव आयोग ने पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप में दो अधिकारियों को निलंबित कर FIR में नई धारा जोड़ने का निर्देश दिया है।

Sushant Singh1 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
पीलीभीत मतदाता सूची में गड़बड़ी: चुनाव आयोग ने दो अधिकारियों को किया निलंबित

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची को लेकर मचे बवाल के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद की गई है।

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि निलंबित अधिकारी मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को बिना आयोग की पूर्व अनुमति के दोबारा बहाल नहीं किया जाएगा। साथ ही, आयोग ने निर्देश दिया है कि इन अधिकारियों की चार्जशीट को आगे की जांच के लिए आयोग के पास भेजा जाए।

FIR में जुड़ी नई धारा, कंप्यूटर ऑपरेटर भी रडार पर

मामला सिर्फ निलंबन तक सीमित नहीं है। चुनाव आयोग ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन दोनों अधिकारियों और एक कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 198 को भी जोड़ा जाए। आयोग ने साफ कहा है कि संबंधित अदालत में चल रहे मामलों को पूरी सख्ती से आगे बढ़ाया जाए ताकि इस गड़बड़ी का तार्किक अंत हो सके।

इस पूरे प्रकरण पर आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत से जिले की सभी चार विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर मांगी है। इसके अलावा, VRC ऑपरेटर के खिलाफ की गई कार्रवाई और पांच सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की भूमिका की विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर मांगी गई है।

इस घटना के बाद चुनाव आयोग ने पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। अब राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और EROs को अपने अधिकार क्षेत्र की मतदाता सूचियों की दोबारा गहन जांच करनी होगी। विशेष रूप से फॉर्म 6, 7 और 8 के जरिए किए गए नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने के डेटा की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि पीलीभीत जैसी गड़बड़ी दोबारा न हो।

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