ओराई: वकील गयादीन अहिरवार की हत्या से आक्रोश, वकीलों ने शुरू किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार

कलपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के बाद ओराई में वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और सुरक्षा की मांग की।

Shubham Singh2 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
ओराई: वकील गयादीन अहिरवार की हत्या से आक्रोश, वकीलों ने शुरू किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार

उत्तर प्रदेश के जलाउन जिले के ओराई में कानूनी जगत में शोक और गुस्से की लहर है। कलपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की बेरहमी से हत्या के बाद ओराई जिला न्यायालय के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। इस घटना के विरोध में वकीलों ने तीन दिनों के लिए न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया है और सड़कों पर उतरकर अपना प्रदर्शन दर्ज कराया है।

पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब 68 वर्षीय वरिष्ठ वकील गयादीन अहिरवार 31 अक्टूबर को ओराई जिला न्यायालय से वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि एक दुर्गा मंदिर के पास उन्हें एक सफेद कार में बैठाकर ले जाया गया। हमलावरों ने उन्हें कानूनी फाइल देखने के बहाने फुसलाकर गाड़ी में बिठाया और फिर उनका अपहरण कर लिया। अगले दिन, 1 नवंबर को उनका शव कानपुर के सचेन्दी इलाके से बरामद हुआ, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारियां

इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच कर रहे जलाउन पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह एक पुराना जमीनी विवाद सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन संदिग्धों—आशीष विश्वकर्मा, सर्वेश शुक्ला और केशव कटियार को हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें आशीष और सर्वेश के पैरों में गोली लगी है।

पुलिस ने इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड बताए जा रहे इंद्रजीत यादव को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। हालांकि, इस वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर 'मोनू' अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

दूसरी ओर, आक्रोशित वकीलों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से इस तरह की वारदात हुई। उन्होंने मांग की है कि सभी मुख्य साजिशकर्ताओं को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए और कानूनी पेशेवरों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी आरोपी पकड़े नहीं जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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