अयोध्या दौरे पर भिड़े ओपी राजभर, अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा- 'अब पछताए होत क्या'
यूपी मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को राजनीतिक हथकंडा बताया और उन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के अयोध्या जाने की योजना पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने एक पुरानी कहावत का सहारा लेते हुए अखिलेश यादव के इस कदम को पूरी तरह बेमानी करार दिया है।
ओपी राजभर ने पूर्वांचल की एक लोकप्रिय कहावत का जिक्र करते हुए कहा, "अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।" उनका सीधा इशारा इस बात की ओर था कि अब अयोध्या जाने का कोई राजनीतिक या आध्यात्मिक लाभ नहीं मिलने वाला है। राजभर ने अखिलेश यादव पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह केवल दिखावा कर रहे हैं।
धार्मिक दौरों पर उठाए सवाल
मंत्री राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने अखिलेश यादव के पुराने दौरों की याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पहले भी अयोध्या आए थे, हाथ में त्रिशूल और चक्र लेकर भाषण भी दिए, लेकिन उन्होंने कभी भगवान राम के चरणों में मत्था नहीं टेका। इसी तरह वाराणसी जाने पर भी उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लेना जरूरी नहीं समझा।
राजभर ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव ने अयोध्या जाने की तारीख तय कर ली है, तो उन्हें मथुरा और काशी जाने की तारीखों का भी सार्वजनिक ऐलान करना चाहिए।
गौरतलब है कि सपा नेता पवन पांडे ने पुष्टि की थी कि अखिलेश यादव 12 दिसंबर 2026 को अयोध्या स्थित राम मंदिर जाएंगे। जनवरी 2024 में मंदिर के उद्घाटन के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी, जिसमें वह अपने परिवार के साथ हनुमानगढ़ी और श्री राम मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजभर के ये बयान अखिलेश यादव की उस रणनीति पर प्रहार हैं, जिसके जरिए वे अपने कोर वोटर बेस को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।