सीटों के विवाद से टूटेगा सपा-कांग्रेस गठबंधन, राजभर ने अखिलेश यादव को दी चुनौती
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि सीटों के विवाद के कारण सपा और कांग्रेस का गठबंधन खत्म हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर राजनीतिक धमाका किया है। अंबेडकर नगर में एक कार्यक्रम के दौरान राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन अब ढहने की कगार पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियों के अपने-अपने गुप्त एजेंडे हैं, जिसकी वजह से सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है।
राजभर के मुताबिक, कांग्रेस केवल भाजपा को हराने के मकसद से मैदान में है और वह सपा को पर्याप्त सीटें देने के मूड में नहीं है। उन्होंने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 172 सीटों की मांग की है, जो कि सपा को कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति है। राजभर ने इसकी तुलना बंगाल में टीएमसी और बिहार में आरजेडी के साथ कांग्रेस के पुराने अनुभवों से की। वहीं, उन्होंने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह जानबूझकर गठबंधन में देरी कर रहे हैं ताकि अंततः भाजपा की जीत सुनिश्चित हो सके।
अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की चुनौती
भाषण के दौरान राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने अखिलेश यादव को एक सीधी चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश वास्तव में मुस्लिम समुदाय के हितों की परवाह करते हैं, तो वह 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक मुस्लिम मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान करें। राजभर ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय अब केवल समर्थन देने के बजाय राजनीतिक प्रतिनिधित्व, बेहतर शिक्षा और रोजगार चाहता है। साथ ही, उन्होंने आजम खान से अखिलेश की जेल मुलाकात को केवल चुनावी दिखावा करार दिया।
इसके अलावा, विधान परिषद (MLC) चुनाव में सपा द्वारा लगाए गए प्रशासनिक गड़बड़ी के आरोपों को राजभर ने खारिज कर दिया। उन्होंने इसे सपा की संभावित हार के लिए पहले से बनाया गया बहाना बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) में पक्षपात है, जहां यादव BLO सपा का और दलित BLO बसपा का समर्थन करते हैं।
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर सपा की प्रतिक्रिया अलग रही। इटावा में स्नातक MLC चुनाव के लिए वोट डालते समय अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का साझा लक्ष्य केवल भाजपा को हराना है। सपा प्रवक्ता फख्रुल हसन चंद ने भी गठबंधन की पुष्टि करते हुए कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच बातचीत जारी है और गठबंधन पूरी तरह बरकरार है।