अखिलेश यादव को जनता ने नकारा, अब सत्ता की उम्मीद छोड़ दें: ओम प्रकाश राजभर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। यूपी सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। हापुड़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजभर ने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब अखिलेश यादव को सत्ता में देखना नहीं चाहती और उन्हें इस हकीकत को स्वीकार कर लेना चाहिए।
राजभर ने सपा की आंतरिक कलह का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है, जिसका प्रमाण हाल ही में कई जिला समितियों का भंग होना है। उन्होंने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए बताया कि मई के अंत में कन्नौज में उनकी पार्टी के कार्यक्रम में 8 से 10 हजार लोग जुटे थे, जबकि समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में वैसी भीड़ और समर्थन नजर नहीं आ रहा है।
सपा के 'PDA' फॉर्मूले पर उठाए सवाल
मंत्री राजभर ने आरोप लगाया कि गैर-यादव पिछड़ा वर्ग और बहुजन समाज ने अब समाजवादी पार्टी को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कन्नौज में हुए 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन की विफलता का हवाला दिया, जिसके बाद सपा ने वहां की जिला कार्यकारिणी समिति को भंग कर दिया था।
इस राजनीतिक खींचतान में केवल राजभर ही नहीं, बल्कि भाजपा के मंत्री आसिम अरुण और पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने भी अखिलेश यादव की रणनीति की आलोचना की है। वहीं, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी इसी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि जनता एक बार फिर मोदी-योगी सरकार को चुनने के मूड में है।
गौरतलब है कि 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है। ऐसे में ओम प्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव को निशाने पर ले रहे हैं। इससे पहले भी 2 सितंबर, 9 सितंबर और 17 अक्टूबर को राजभर ने वोट चोरी के आरोपों और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर सपा नेतृत्व को चुनौती दी थी।