यूपी के छोटे बिजनेस अब शेयर बाजार से जुटाएंगे फंड, NSE ने वाराणसी में दी IPO की ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश के छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए अब पूंजी जुटाना आसान होने जा रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने राज्य के उद्यमियों को शेयर बाजार के जरिए फंडिंग दिलाने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में 8 अक्टूबर को वाराणसी में 'Idea to IPO' नाम से एक इंटरैक्टिव वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका मकसद छोटे कारोबारियों को पब्लिक लिस्टिंग के जरिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया समझाना था।
इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन NSE ने उत्तर प्रदेश सरकार और कोटक महिंद्रा बैंक के सहयोग से किया। वर्कशॉप में वाराणसी के उद्यमियों, बिजनेस मालिकों और फाइनेंस प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। उन्हें बताया गया कि कैसे वे अपने बिजनेस को शेयर बाजार से जोड़कर विस्तार कर सकते हैं और अपनी विजिबिलिटी बढ़ा सकते हैं।
NSE Emerge प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी कंपनियों की ताकत
NSE के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन ने बताया कि उनके 'NSE Emerge' प्लेटफॉर्म पर अब तक देश की 764 कंपनियां लिस्ट हो चुकी हैं, जिन्होंने कुल मिलाकर 24,520 करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी जुटाई है। इन कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 2.78 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से लिस्टिंग की संख्या में तेजी देखी गई है और इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार के साथ मिलकर नियमित रूप से ऐसे जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग के सचिव प्रांजल यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम वाराणसी के आर्थिक विकास को नई गति देगा और शहर को औद्योगिक विकास का मॉडल बनाएगा। उनका मानना है कि इससे यूपी के छोटे उद्योग न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे।
यूपी स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के एमडी रोहित आनंद ने जोर देकर कहा कि वाराणसी और यूपी के कई बिजनेस अपने स्थानीय बाजारों में लीडर हैं। शेयर बाजार से मिलने वाली फंडिंग उन्हें एक नेशनल ब्रांड बनने में मदद करेगी।
गौरतलब है कि NSE ने इससे पहले 24 जुलाई को भी वाराणसी में सेबी (SEBI) के मार्गदर्शन में एक वित्तीय साक्षरता सेमिनार आयोजित किया था, जिसमें 300 से अधिक नगर निगम अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। हालांकि, पिछला कार्यक्रम निवेशकों की सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी से बचाव पर केंद्रित था, जबकि यह नया सत्र विशेष रूप से बिजनेस फंडिंग और लिस्टिंग के अवसरों पर आधारित था।