नोएडा के प्रयाग हॉस्पिटल में 23 वर्षीय युवती की इमरजेंसी सर्जरी, बचाई प्रजनन क्षमता

नोएडा के प्रयाग हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 23 साल की युवती की इमरजेंसी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर बड़ी सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाला।

Shubham Singh23 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
नोएडा के प्रयाग हॉस्पिटल में 23 वर्षीय युवती की इमरजेंसी सर्जरी, बचाई प्रजनन क्षमता

उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉक्टरों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहाँ के मेडिकल विशेषज्ञों ने 23 साल की एक युवती का सफल इलाज किया, जो ओवेरियन टेराटोमा (अंडाशय में गांठ) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। समय पर लिए गए फैसले और सटीक सर्जरी की बदौलत मरीज की जान बचाने के साथ-साथ उसकी भविष्य की प्रजनन क्षमता को भी सुरक्षित रखा गया है।

घटना की शुरुआत 25 सितंबर 2026 को हुई, जब युवती को पेट में असहनीय दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया। शुरुआती जांच और डायग्नोस्टिक टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उसके अंडाशय में 7 × 8 × 8 सेंटीमीटर आकार का एक बड़ा लीजन (गांठ) था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया गया।

लैप्रोस्कोपिक तकनीक से निकाली गई बड़ी सिस्ट

अस्पताल की कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. गरिमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक इमरजेंसी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की गई। इस जटिल प्रक्रिया के दौरान सर्जिकल टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए 'एन-ब्लॉक सिस्टेक्टोमी' की। डॉक्टरों ने बिना सिस्ट को फटे या उसके रिसाव के, उसे पूरी तरह से शरीर से बाहर निकाल दिया।

इस सर्जरी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि डॉक्टरों ने युवती के अंडाशय के स्वस्थ ऊतकों (healthy ovarian tissue) को बचाने पर पूरा जोर दिया, ताकि भविष्य में उसकी मातृत्व क्षमता पर कोई असर न पड़े।

सर्जरी के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और वह पूरी तरह स्वस्थ हो गई। ऑपरेशन के ठीक एक दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और आगे की देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए गए।

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