नोएडा और इंदिरापुरम में 10 नवंबर तक पानी की किल्लत, गंगा नहर की सफाई से आपूर्ति होगी बाधित

नोएडा और इंदिरापुरम के लाखों निवासियों के लिए आने वाले दिन पानी की किल्लत वाले हो सकते हैं। गंगा नहर की वार्षिक सफाई के चलते 20-21 अक्टूबर की रात से जल आपूर्ति निलंबित कर दी जाएगी। सिंचाई विभाग के अनुसार, यह काम 10 नवंबर तक चलने की उम्मीद है, लेकिन मरम्मत कार्य में देरी होने पर यह अवधि 25 दिनों तक भी खिंच सकती है। इस फैसले का सीधा असर नोएडा, ग्रेटर नोएडा ईस्ट और इंदिरापुरम के करीब 20 लाख लोगों पर पड़ेगा, जिन्हें पानी के कम दबाव या किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
प्राधिकरण ने किए वैकल्पिक इंतजाम
पानी के संकट को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। वाटर डिपार्टमेंट के जनरल मैनेजर आरपी सिंह ने बताया कि इस साल पिछले साल के मुकाबले 40 अतिरिक्त ट्यूबवेल चालू किए गए हैं। साथ ही, रैनी वेल्स (Ranney wells) के जरिए प्रतिदिन 100 मिलियन लीटर (MLD) से अधिक पानी की आपूर्ति करने की क्षमता है। प्राधिकरण का लक्ष्य अगले 12 दिनों के भीतर सभी मरम्मत कार्य पूरे करना है ताकि आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
दूसरी ओर, गाजियाबाद नगर निगम (GMC) के सामने चुनौती थोड़ी ज्यादा है। शहर में पानी की मांग लगभग 419 MLD है, जबकि उपलब्धता केवल 372 MLD है। इस कमी को पूरा करने के लिए नगर निगम ने विशेष योजना बनाई है:
- वसुंधरा जोन में 70 बड़े और 36 छोटे बोरवेल का उपयोग किया जाएगा।
- इंदिरापुरम क्षेत्र की जरूरतों के लिए 26 बोरवेल तैनात रहेंगे।
- जिन सेक्टरों में पानी की पाइपलाइन का नेटवर्क नहीं है, वहां 64 वाटर टैंकरों के जरिए आपूर्ति की जाएगी।
गौरतलब है कि गंगा नहर की यह सफाई हर साल दशहरे और दिवाली के बीच के समय में की जाती है, जो एक नियमित रखरखाव प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का सीमित उपयोग करें।