वाराणसी: बीएचयू में मुथुस्वामी दीक्षितर की 250वीं जयंती, निर्मला सीतारमण ने जारी किया स्मारक सिक्का
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीएचयू वाराणसी में संगीत सम्राट मुथुस्वामी दीक्षितर की 250वीं जयंती पर स्मारक सिक्का जारी किया।

वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में मंगलवार को एक बेहद खास आयोजन हुआ, जहां कर्नाटक संगीत के दिग्गज संगीतकार मुथुस्वामी दीक्षितर की 250वीं जयंती मनाई गई। स्वतंत्रता भवन में आयोजित इस समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिरकत की। उन्होंने इस महान संगीतज्ञ को श्रद्धांजलि देते हुए 250 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया।
इस अवसर पर कर्नाटक संगीत की मशहूर गायिका सुमित्रा वासुदेवन ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। उन्होंने मुथुस्वामी दीक्षितर की कालजयी रचनाओं को गाकर संगीत जगत के इस महान व्यक्तित्व के योगदान को याद किया।
काशी से था मुथुस्वामी दीक्षितर का गहरा नाता
मुथुस्वामी दीक्षितर का नाम कर्नाटक संगीत की 'संगीत त्रिमूर्ति' (Musical Trinity) में शुमार है, जिसमें उनके साथ त्यागराज और श्याम शास्त्री भी शामिल हैं। 1775 में जन्मे और 1835 में दुनिया को अलविदा कहने वाले दीक्षितर का काशी से एक गहरा और ऐतिहासिक संबंध रहा है। उन्होंने अपने जीवन का एक लंबा समय काशी में बिताया, जहां उन्होंने न केवल संगीत, बल्कि तंत्र, वेदों और वेदांत का भी गहन अध्ययन किया।
दिलचस्प बात यह है कि काशी में रहने के दौरान उन्होंने उत्तर भारतीय हिंदुस्तानी संगीत की बारीकियों को भी सीखा। यही वजह है कि उनकी रचनाओं में उत्तर और दक्षिण भारतीय संगीत परंपराओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। अपनी सभी रचनाओं में वे 'गुरुगुहा' मुद्र (कलम नाम) का इस्तेमाल करते थे, जो भगवान कार्तिकेय का ही एक नाम है।