बलिया: स्कूल की छत से लौकी तोड़ने गए छात्र की करंट से मौत, NHRC ने लिया संज्ञान
यूपी के बलिया में मिड-डे मील के लिए लौकी तोड़ने गए 12 साल के छात्र की करंट से मौत। NHRC ने मामला संज्ञान में लेकर नोटिस जारी किया।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के 12 वर्षीय छात्र की हाई वोल्टेज बिजली की लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस गंभीर मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा 2 नवंबर को हुआ। चौथी कक्षा में पढ़ने वाले इस मासूम बच्चे को स्कूल के शिक्षकों ने मिड-डे मील के लिए रसोई की छत पर चढ़कर 'लौकी' तोड़ने के लिए कहा था। जब बच्चा छत पर गया, तो वहां से गुजर रही 11 KV की हाई वोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
NHRC ने मांगा जवाब, शिक्षकों पर गिरी गाज
मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस घटना को देखने के बाद NHRC ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है। आयोग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के सीएमडी, बलिया के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इन अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इस लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल के दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शिक्षा मित्र की सेवाओं को समाप्त करने की सिफारिश की गई है।
यह घटना न केवल सुरक्षा इंतजामों की कमी को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि एक मासूम बच्चे को ऐसे जोखिम भरे काम के लिए क्यों भेजा गया।