ग्रेटर नोएडा में NCB का बड़ा एक्शन: दो ड्रग लैब का भंडाफोड़, गृह मंत्री अमित शाह ने की सराहना

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। ब्यूरो ने एक खुफिया ऑपरेशन के जरिए दो गुप्त ड्रग लैब का पर्दाफाश किया है, जहाँ बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों का निर्माण किया जा रहा था। इस बड़ी सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NCB की टीम की जमकर तारीफ की है और इसे नशा मुक्त भारत की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
यह पूरी कार्रवाई गौतम बुद्ध नगर के गांव जहानाबाद कदलपुर में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को की गई। छापेमारी के दौरान NCB ने करीब 379.740 किलोग्राम एम्फेटामाइन युक्त सामग्री बरामद की है। अधिकारियों के मुताबिक, इस सामग्री से लगभग 56 किलोग्राम क्रिस्टलाइन एम्फेटामाइन तैयार किया जा सकता था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ड्रग्स के अलावा, मौके से नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और आधुनिक मशीनें भी जब्त की गई हैं।
विदेशी नागरिक समेत दो गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
इस मामले में NCB ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में एक विदेशी नागरिक डेस्टिनी अब्राहम डम्बिरी शामिल है, जिसने जनवरी 2020 में 'फ्रांसिस कालोकोह' के नाम से टूरिस्ट वीजा पर भारत में प्रवेश किया था। वहीं, दूसरी आरोपी मिजोरम की रहने वाली लल्लवमजुली (उर्फ ओलिविया लालचविमवी) है, जो पहले भी गोवा में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की जांच के घेरे में रह चुकी है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन ड्रग्स की सप्लाई चेन कहाँ तक फैली है और इसमें कौन-कौन शामिल है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह ऑपरेशन प्रोएक्टिव एनफोर्समेंट का एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार दिसंबर 2029 तक ड्रग कार्टेल्स को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई 'नशा मुक्त भारत' मिशन और नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 के अनुरूप है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय ड्रग सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ना है।