नवीन जिंदल की उम्मीद: जब भारत करेगा ओलंपिक की मेजबानी, तब लौटेगा पोलो खेल

Shubham Singh11 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
नवीन जिंदल की उम्मीद: जब भारत करेगा ओलंपिक की मेजबानी, तब लौटेगा पोलो खेल

नोएडा के जिंदल पोलो एस्टेट में रविवार को खेले गए एक रोमांचक मुकाबले के बाद, जिंदल पैंथर के मालिक नवीन जिंदल ने खेल जगत में एक बड़ी उम्मीद जगाई है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भारत ओलंपिक खेलों की मेजबानी करता है, तो वह चाहते हैं कि पोलो खेल की इस वैश्विक मंच पर वापसी हो। नवीन जिंदल का मानना है कि भारत का इस खेल के साथ एक गहरा ऐतिहासिक रिश्ता रहा है और अब समय है कि इसे फिर से ओलंपिक का हिस्सा बनाया जाए।

दरअसल, पोलो आखिरी बार 1936 के बर्लिन ओलंपिक में खेला गया था। नवीन जिंदल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 1936 की तुलना में आज सुविधाएं बहुत बेहतर हो गई हैं। अब बड़े विमानों के जरिए घोड़ों को दुनिया के किसी भी कोने में ले जाना आसान है, जिससे इस खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करना सरल होगा। गौरतलब है कि भारत ने 2036 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए औपचारिक रूप से अपनी दावेदारी पेश की है, जिसमें अहमदाबाद को मुख्य केंद्र के रूप में प्रस्तावित किया गया है।

पोलो का इतिहास और वर्तमान चुनौतियां

नवीन जिंदल ने पोलो को 'भारत का दुनिया को उपहार' बताया। उन्होंने याद दिलाया कि आधुनिक पोलो की शुरुआत उत्तर-पूर्व की पहाड़ियों में हुई थी, जिसे 1850 के दशक में ब्रिटिश अधिकारियों ने खोजा था। यहीं से यह खेल इंग्लैंड और फिर अमेरिका व अर्जेंटीना तक पहुंचा। भारत में दुनिया का पहला पोलो क्लब 1859 में सिलचर (असम) में और 1862 में कलकत्ता पोलो क्लब की स्थापना हुई थी।

मैदान की सुविधाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने जयपुर पोलो ग्राउंड के मुद्दे को उठाया, जिसे हाल ही में सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है। नवीन जिंदल ने उम्मीद जताई कि सरकार पोलो के लिए बेहतर सुविधाएं और जगह उपलब्ध कराएगी ताकि इस खेल का स्तर और ऊंचा उठ सके।

वहीं, खेल की बात करें तो जिंदल पैंथर कप के फाइनल में नवीन जिंदल की टीम को विमल अरियन अचीवर्स ने 6-9 से हरा दिया। इस जीत में 17 वर्षीय सवीर गोदारा ने अहम भूमिका निभाई। मैच के बाद नवीन जिंदल ने स्वीकार किया कि विपक्षी टीम ने शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी, जिसे उनकी टीम अंत तक नहीं तोड़ पाई। हालांकि, उन्होंने सवीर गोदारा की प्रतिभा की तारीफ की और उम्मीद जताई कि वह आगामी पोलो वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बनेंगे।

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