वाराणसी को मिलेगी बड़ी सौगात: नमो सेतु से सुधरेगी कनेक्टिविटी, वंदे भारत स्लीपर भी शुरू

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी में नमो सेतु के काम का जायजा लिया और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। जानें पूरी डिटेल।

Sushant Singh31 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी को मिलेगी बड़ी सौगात: नमो सेतु से सुधरेगी कनेक्टिविटी, वंदे भारत स्लीपर भी शुरू

वाराणसी के बुनियादी ढांचे और रेल कनेक्टिविटी को बदलने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और निर्माणाधीन 'नमो सेतु' (नमो ब्रिज) के काम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह पुल न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि अगले 100 वर्षों तक क्षेत्र की परिवहन आवश्यकताओं का समाधान करेगा, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

नमो सेतु और हाई-स्पीड रेल का मास्टर प्लान

वाराणसी में बन रहा नमो सेतु एक आधुनिक डबल-डेकर हाइब्रिड ब्रिज होगा, जिसकी लंबाई 2.5 किलोमीटर है। लगभग 2,657 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल के ऊपरी हिस्से में छह लेन का हाईवे और निचले हिस्से में चार रेलवे ट्रैक होंगे। 2029 तक पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट से काशी विश्वनाथ मंदिर और नमो घाट तक पहुंच आसान हो जाएगी और शहर के ट्रैफिक दबाव में भारी कमी आएगी।

इतना ही नहीं, रेल मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पटना और गुवाहाटी को जोड़ने वाले 'नार्दर्न कॉरिडोर' बुलेट ट्रेन नेटवर्क को मंजूरी दे दी है। इस हाई-स्पीड रेल के शुरू होने से दिल्ली से लखनऊ का सफर महज 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 33 मिनट में पूरा हो सकेगा।

इसी कड़ी में, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्तर भारत की यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है, जिसमें 16 कोच हैं और यह 823 यात्रियों को ले जा सकती है। यह ट्रेन शिव गंगा एक्सप्रेस के मुकाबले 55 मिनट तेजी से चलेगी और प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ व गाजियाबाद जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।

उत्तर प्रदेश के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20,012 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य में सुरक्षा के लिए 'कवच' सिस्टम लगाया जा रहा है, 157 स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है और वंदे भारत व अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन लगातार बढ़ाया जा रहा है।

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