वाराणसी: रामघाट पर नमामि गंगे ने चलाया स्वच्छता अभियान, गंदगी पर जीत का दिया संदेश

धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी में विजयादशमी के पावन अवसर पर एक अनोखी मुहिम देखने को मिली। नमामि गंगे द्वारा रामघाट पर एक विशेष नमामि गंगे स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि जिस तरह बुराई पर अच्छाई की जीत होती है, उसी तरह गंदगी पर स्वच्छता की जीत जरूरी है। "स्वच्छता से समृद्धि" के नारे के साथ शुरू हुए इस अभियान ने समाज, स्वास्थ्य और जीवन में साफ-सफाई के महत्व को रेखांकित किया।
इस कार्यक्रम के दौरान केवल कचरा साफ नहीं किया गया, बल्कि लोगों को अपनी सोच बदलने के लिए भी प्रेरित किया गया। आयोजन की शुरुआत भगवान श्री रामचंद्र की तस्वीर और तिरंगे की मौजूदगी में मां गंगा की आरती के साथ हुई। रामघाट से यह संदेश दिया गया कि विजयादशमी का त्योहार केवल रावण दहन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें अपने जीवन से गंदगी और नकारात्मकता जैसी बुराइयों को भी खत्म करना चाहिए।
गंदगी रूपी रावण का अंत करने का संकल्प
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के समन्वयक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस मौके पर बेहद प्रभावशाली बात कही। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का असली संदेश अहंकार और गंदगी को जलाना है। जिस प्रकार भगवान राम ने रावण का वध कर धर्म और सत्य की स्थापना की थी, उसी तरह हमें अपने आसपास फैली गंदगी, कचरे और अस्वच्छता रूपी 'रावण' को नष्ट करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि सच्ची जीत स्वच्छता में ही छिपी है। जब हमारे घर, मोहल्ले और शहर साफ होंगे, तभी नागरिक स्वस्थ और खुशहाल रह पाएंगे। इस अभियान के जरिए लोगों से यह शपथ लेने का आग्रह किया गया कि वे न तो खुद गंदगी फैलाएंगे और न ही दूसरों को ऐसा करने देंगे, ताकि एक स्वच्छ, हरित और सुंदर राष्ट्र का निर्माण हो सके।
इस विशेष अभियान में राजेश शुक्ला के साथ अरुण त्रिपाठी, अरविंद पांडे, राजाराम गुप्ता, रूबी पांडे, सुधा त्रिपाठी, अथर्व त्रिपाठी और अभिषेक गुप्ता सहित कई लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे और स्वच्छता के इस महाभियान में अपना योगदान दिया।