अंबेडकर नगर: सऊदी अरब से लौटा नफीस अहमद का शव, परिजनों ने नम आंखों से दी विदाई
सऊदी अरब के दम्माम में काम कर रहे अंबेडकर नगर निवासी नफीस अहमद का पार्थिव शरीर वतन लौटा, परिजनों ने जताया आभार।

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के नागपुर, जलापुर गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब सऊदी अरब के दम्माम में काम कर रहे यहां के निवासी नफीस अहमद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर पहुंचा। 1 अक्टूबर 2026 को दम्माम में उनकी अचानक मृत्यु की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। बुधवार, 21 अक्टूबर को जब उनका शव लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा और वहां से एम्बुलेंस के जरिए गांव लाया गया, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। उसी शाम स्थानीय कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
मददगारों के सहयोग से आसान हुई कागजी प्रक्रिया
परदेस में मौत के बाद शव को वतन वापस लाना अक्सर एक कठिन प्रक्रिया होती है, लेकिन इस दुख की घड़ी में कुछ मददगारों ने परिवार का साथ दिया। मृतक के भाई वसी अहमद ने भारतीय दूतावास में सामाजिक कार्यकर्ता नास शौकत अली से संपर्क किया था। इसके बाद नास शौकत अली ने सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन (जिन्हें 'बजरंगी भाईजान' के नाम से जाना जाता है) के साथ तालमेल बिठाया और वसी अहमद को उनका संपर्क विवरण दिया।
सैयद आबिद हुसैन ने सभी जरूरी दस्तावेज़ तैयार करने और उन्हें जमा करने में मदद की, जबकि नास शौकत अली ने दम्माम में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को संभाला और परिवार को लगातार अपडेट देते रहे। सैयद आबिद हुसैन ने इस पूरी प्रक्रिया में रियाद स्थित भारतीय दूतावास, सऊदी विदेश मंत्रालय और नास शौकत अली के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है।
वसी अहमद और उनके परिवार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर सैयद आबिद हुसैन, नास शौकत अली, भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय का औपचारिक रूप से शुक्रिया अदा किया है। परिवार ने यह जानकारी इसलिए साझा की ताकि भविष्य में यदि किसी अन्य परिवार को ऐसी मुश्किल स्थिति में मदद की जरूरत पड़े, तो उन्हें सही सपोर्ट सिस्टम के बारे में पता चल सके।