मुजफ्फरनगर पुलिस का 'ऑपरेशन चक्रव्यूह', अब अपराधियों की खैर नहीं
मुजफ्फरनगर पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' शुरू किया है। अब पुराने अपराधियों की होगी कड़ी निगरानी और वेरिफिकेशन।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अपराध की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने एक बड़ा दांव खेला है। एसपी सिटी अमृत जैन के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के कोने-कोने में छिपे अपराधियों पर नकेल कसना और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना है।
इस ऑपरेशन के तहत शहर और जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस अब उन लोगों की लिस्ट खंगाल रही है जो पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। खासतौर पर चोरी, वाहन चोरी और डकैती जैसे अपराध करने वाले आदतन अपराधियों का सिस्टमैटिक वेरिफिकेशन किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि पशु चोरों और गंभीर अपराधों में संलिप्त बदमाशों को उनके संबंधित थानों में बुलाकर फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाएगा।
अपराधियों की निगरानी के लिए सख्त रणनीति
पुलिस का मानना है कि इस तरह की कड़ी निगरानी से इलाके में अपराध दर में भारी कमी आएगी। 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी अमृत जैन, जिन्होंने 30 मार्च 2026 को मुजफ्फरनगर का कार्यभार संभाला, पहले भी कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई मुहिम चला चुके हैं।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर पुलिस पहले भी 'ऑपरेशन क्लीन' और 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' जैसे अभियानों के जरिए आपराधिक नेटवर्कों को ध्वस्त कर चुकी है। हाल के दिनों में पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोहों पर भी बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें महिंद्रा थार और मारुति सुजुकी ब्रेजा जैसी चोरी की गाड़ियां बरामद की गई थीं। अब 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के जरिए पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी अपराधी कानून की नजरों से बच न सके और आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे।