मुजफ्फरनगर: एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा समर्थकों में जोरदार भिड़ंत, मचा हंगामा
मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज में एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा समर्थकों के बीच जमकर हंगामा हुआ। जानें क्या था पूरा विवाद।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान उस समय तनाव फैल गया जब डीएवी डिग्री कॉलेज स्थित पोलिंग स्टेशन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना ने चुनावी माहौल को गरमा दिया, जहां एजेंट कार्ड और फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों में जमकर बहस और धक्का-मुक्की हुई।
हंगामे की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब राज्य सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल और सपा के जिला अध्यक्ष जिया चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मौके पर मौजूद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे मतदान केंद्र पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बिगड़ता देख जिला मजिस्ट्रेट उमेश मिश्रा और एसएसपी सूरज कुमार राय तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को तितर-बितर किया और शांति व्यवस्था बहाल कराई, जिसके बाद ही मतदान की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकी।
फर्जीवाड़े के आरोपों से पहले ही चढ़ा था तनाव
बता दें कि इस चुनाव से पहले ही राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण था। समाजवादी पार्टी ने 1 अक्टूबर को ही जिला प्रशासन और चुनाव अधिकारियों से शिकायत की थी कि फर्जी आधार कार्ड और जाली मार्कशीट के जरिए मतदाताओं के नाम जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं, 10 अक्टूबर को जारी मतदाता सूची में भी गड़बड़ियों का दावा करते हुए सपा ने सबूत के तौर पर फोटो और वीडियो पेश करने की बात कही थी। हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विश्वास जताया है कि भाजपा सभी 11 सीटों पर बड़ी जीत दर्ज करेगी।
मुजफ्फरनगर जिले में इस चुनाव के लिए कुल 26 मतदान केंद्र और 56 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे। आंकड़ों की बात करें तो स्नातक सीट के लिए 13,747 और शिक्षक सीट के लिए 3,249 मतदाता पंजीकृत हैं। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस मतदान के बाद अब सबकी नजरें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।