मुगलसराय: ट्रैफिक महीने की उड़ रही धज्जियां, ओवरलोडेड डंपरों ने बढ़ाई मुसीबत
मुगलसराय में ट्रैफिक महीने के बावजूद ओवरलोडेड डंपर मचा रहे उत्पात, धूल से सांस लेना हुआ दूभर और हादसों का खतरा बढ़ा।

चंदौली जिले में इन दिनों 'ट्रैफिक महीना' मनाया जा रहा है, लेकिन मुगलसराय के सकलडीहा-अलीनगर रोड पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यहाँ नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे ओवरलोडेड फ्लाई ऐश डंपरों ने आम जनता और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच ये भारी-भरकम वाहन बिना किसी डर के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
इन डंपरों की सबसे बड़ी समस्या इनका ओवरलोड होना है। क्षमता से अधिक फ्लाई ऐश लदे होने के कारण इनसे लगातार धूल और राख उड़ती रहती है, जिससे सड़क पर धुंध छा जाती है। पैदल चलने वालों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस जहरीली धूल की वजह से सांस लेना मुश्किल हो गया है और लोगों को गंभीर श्वसन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, इन भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और ओवरलोडिंग की वजह से सड़क हादसों का डर हर समय बना रहता है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि ट्रैफिक विभाग केवल छोटे वाहनों को निशाना बना रहा है। लोगों का आरोप है कि शहर में अवैध ऑटो-रिक्शा और टोटो के खिलाफ तो कार्रवाई की गई, जिससे कुछ राहत मिली, लेकिन जब बात रसूखदार और बड़े ओवरलोडेड डंपरों की आती है, तो प्रशासन मौन हो जाता है। इस भेदभाव ने ट्रैफिक अभियान की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
परेशान निवासियों ने अब ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि इन डंपरों की सघन जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, फ्लाई ऐश के परिवहन के दौरान उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए प्रभावी उपाय लागू किए जाएं ताकि जनता को इस प्रदूषण और खतरे से निजात मिल सके।