संविधान बचाओ मार्च: आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन नजरबंद, पुलिस से तीखी बहस

संविधान बचाओ मार्च: आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन नजरबंद, पुलिस से तीखी बहस

उत्तर प्रदेश के आगरा में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को उस समय तनाव बढ़ गया जब राज्यसभा सांसद और समाजवादी पार्टी के नेता रामजीलाल सुमन को उनके हरिपर्वत स्थित आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया। पुलिस ने यह सख्त कदम उन्हें 'संविधान बचाओ मार्च' में शामिल होने से रोकने के लिए उठाया, जिसके जरिए वे स्थानीय कलेक्ट्रेट तक विरोध प्रदर्शन करने वाले थे।

सांसद के आवास के बाहर सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, जिससे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। इस दौरान रामजीलाल सुमन और पुलिस अधिकारियों के बीच काफी तीखी नोकझोंक हुई। वहीं, इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।

सरकार पर साधा निशाना, चुनाव आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप

नजरबंदी के दौरान रामजीलाल सुमन ने सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा की और इसे तानाशाही करार दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है और वे भाजपा के एक अंग के रूप में काम कर रहे हैं। सुमन ने मांग की है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

बता दें कि समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित इस मार्च का उद्देश्य कई गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाना था, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध।
  • बढ़ती महंगाई और आम जनता की परेशानियां।
  • फर्जी पुलिस एनकाउंटरों के आरोप।
  • छात्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं।
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