मुंबई में सीएम मोहन यादव का बड़ा दांव: मध्य प्रदेश को बताया 'अवसरों का केंद्र', मिले 90 हजार करोड़ के प्रस्ताव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुंबई में एक विशेष रोडशो के जरिए राज्य की निवेश क्षमता को दुनिया के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र को वैश्विक स्तर के निवेशकों का गढ़ और मध्य प्रदेश को 'अवसरों का केंद्र' (Hub of Opportunities) करार दिया। इस दौरान उन्होंने निवेशकों और राजनयिकों के साथ बातचीत की और उन्हें मध्य प्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जापान, मेक्सिको, रूस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के कौंसल जनरल और राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ एक राउंडटेबल मीटिंग भी की। उन्होंने इन सभी देशों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में 'पार्टनर देशों' के रूप में शामिल होने का न्योता दिया।
निवेश और रोजगार की नई उम्मीदें
मुंबई में आयोजित इस इंटरैक्टिव सेशन के नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि केवल इस रोडशो के माध्यम से राज्य को लगभग 90,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस भारी निवेश से प्रदेश में करीब 14,375 लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कुछ प्रमुख निवेशों का जिक्र करते हुए कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेशकों की गहरी दिलचस्पी दिखी है। ACME Global करीब 47,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। इसके अलावा अवडा ग्रुप, इनॉक्स और एयर प्रोडक्ट्स जैसे बड़े नाम भी इसमें शामिल हैं। फार्मा सेक्टर से भी 'इनक्यूब एथिकल्स' जैसी कंपनियों ने निवेश और विस्तार की इच्छा जताई है।
सीएम यादव ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश की कई खूबियां गिनाईं, जिनमें शामिल हैं:
- बेहतर बैंकिंग सुविधाएं और सस्ती बिजली की उपलब्धता।
- कुशल मानव संसाधन (Skilled Human Resources)।
- अपराध मुक्त वातावरण और देश के केंद्र में भौगोलिक स्थिति।
- 25 से अधिक निवेशक-अनुकूल सरकारी नीतियां।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि GIS 2025 के जरिए मिले लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक निवेश जमीन पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन नए प्रस्तावों से मध्य प्रदेश की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी और राज्य आर्थिक गतिविधियों का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।