मुरादाबाद: रिश्वतखोरी के आरोपी इंजीनियर पर कसा शिकंजा, मंडलीय अधिकारियों ने दिए जांच तेज करने के आदेश

मुरादाबाद के कुन्दरकी ब्लॉक में तैनात इंजीनियर अंकुर कुमार पर रिश्वत के गंभीर आरोप लगे हैं, अब मंडलीय अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट जल्द मांगी है।

Sushant Singh29 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
मुरादाबाद: रिश्वतखोरी के आरोपी इंजीनियर पर कसा शिकंजा, मंडलीय अधिकारियों ने दिए जांच तेज करने के आदेश

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कुन्दरकी विकास खंड में तैनात कंसल्टिंग इंजीनियर अंकुर कुमार पर रिश्वत मांगने और काम में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मंडलीय अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ग्राम पंचायत भीतरकुआं कुलवारा की प्रशासक अस्मा अब्बास ने 8 सितंबर 2026 को एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इंजीनियर अंकुर कुमार ने स्कूल भवनों और अन्य बुनियादी ढांचों की मरम्मत के लिए भौतिक माप तो ले लिए, लेकिन प्रोजेक्ट एस्टिमेट देने के बदले रिश्वत की मांग करने लगे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इंजीनियर अक्सर ब्लॉक ऑफिस से गायब रहते थे और आधिकारिक फोन कॉल का जवाब भी नहीं देते थे।

रिश्वत के लेन-देन और लापरवाही का आरोप

मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नूरपुर ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान और प्रशासक ने इंजीनियर को 6,000 रुपये यूपीआई (UPI) के जरिए और 1,400 रुपये नकद दिए थे। इसके बावजूद, आरोप है कि इंजीनियर ने जरूरी कागजी कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए फिर से 4,500 रुपये की मांग की।

जांच में हो रही देरी को देखते हुए डिप्टी डायरेक्टर (पंचायत) अभय कुमार यादव ने जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होते ही सबूतों के साथ रिपोर्ट तुरंत जमा की जाए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि जांच समय पर पूरी नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों को देरी का ठोस कारण बताना होगा। यदि जरूरत पड़ी, तो मंडलीय कार्यालय एक दो सदस्यीय समिति भेजकर मौके पर जाकर दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच भी करवा सकता है।

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