एमएलसी हरि सिंह ढिल्लों पर आरोप: अल्पसंख्यक संस्थानों को फंड आवंटन पर उठे सवाल

Shubham Singh12 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
एमएलसी हरि सिंह ढिल्लों पर आरोप: अल्पसंख्यक संस्थानों को फंड आवंटन पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बरेली-मुरादाबाद निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी हरि सिंह ढिल्लों एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। उन पर अपने क्षेत्र विकास निधि (Area Development Fund) के आवंटन में पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला मदरसा और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को दिए गए फंड से जुड़ा है, जिसने अब सियासी तूल पकड़ लिया है।

पूर्व एमएलसी और निर्दलीय उम्मीदवार संजय मिश्रा ने इस पूरे आवंटन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने 2023 से 2026 के बीच निर्धारित 67 परियोजनाओं की एक सूची का हवाला देते हुए पूछा है कि इन संस्थानों का चयन किस आधार पर किया गया। इस सूची में भवन निर्माण, सोलर लाइट, हाई-मास्ट लाइटिंग और फर्नीचर की खरीद जैसे काम शामिल हैं।

फंड के बंटवारे का पूरा गणित

आरोप लगाने वालों के मुताबिक, संभल और अमरोहा जिलों में आठ भवन निर्माण परियोजनाओं के लिए 63.79 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इनमें मदरसा इस्लामिया अरबिया मोहाबरार उल-उलूम, ख्वाजा गरीब नवाज इंटर कॉलेज, मसरूर हुसैन इंडियन इंटर कॉलेज और रफीक हुसैन मेमोरियल डिग्री कॉलेज जैसे संस्थान शामिल हैं।

सिर्फ भवन ही नहीं, बल्कि लाइटिंग के नाम पर भी भारी खर्च दिखाया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, सोलर लाइट के लिए 53 प्रविष्टियां हैं, जिनमें से 52 प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 8.05 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा, चार हाई-मास्ट लाइटिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 11.377 लाख रुपये और मुरादाबाद के उमर इंटर कॉलेज में फर्नीचर के लिए 2 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

संजय मिश्रा और अन्य आलोचकों की मांग है कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता लाई जाए। उन्होंने सवाल उठाया है कि इन संस्थानों को चुनने का पैमाना क्या था और क्या वास्तव में यह काम जमीन पर पूरा हुआ है? साथ ही, उन्होंने अन्य सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को मिले फंड के साथ इसकी तुलना करने की बात कही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्राथमिकताएं क्या थीं।

जब इस पूरे मामले पर एमएलसी हरि सिंह ढिल्लों का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उनके निजी सचिव ने केवल इतना कहा कि एमएलसी इस समय एक बैठक में व्यस्त हैं और उन्होंने इस पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी।

Share:

Comments

Leave a comment