मिशन रोजगार: यूपी पुलिस भर्ती में कानूनी पेंच, हजारों पदों पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
मिशन रोजगार के तहत यूपी सरकार नियुक्तियां जारी रखे हुए है, लेकिन पुलिस भर्ती 2025 के हजारों पदों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में युवाओं को नौकरी देने के लिए 'मिशन रोजगार' अभियान को पूरी मजबूती से आगे बढ़ा रही है। हालांकि, इस बीच यूपी पुलिस भर्ती को लेकर एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है, जिसने हजारों उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 के तहत 4,543 पदों पर नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है।
यह कानूनी कार्रवाई उन याचिकाओं के बाद हुई है, जिनमें लिखित परीक्षा की प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं और विसंगतियों के गंभीर आरोप लगाए गए थे। कोर्ट के इस हस्तक्षेप के बाद अब इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा के अधीन है, जिससे संबंधित अभ्यर्थियों को अब अदालत के अगले आदेश का इंतजार करना होगा।
नियुक्ति पत्रों का वितरण और अफवाहें
दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें उड़ रही थीं कि लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन्स में सब-इंस्पेक्टर और समकक्ष पदों के लिए नियुक्ति पत्रों का वितरण होने वाला है। लेकिन आधिकारिक तौर पर आज के लिए ऐसे किसी कार्यक्रम का कोई शेड्यूल तय नहीं है।
गौरतलब है कि सरकार ने हाल ही में भर्ती की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया था। 20 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में एक समारोह की अध्यक्षता की थी। इस कार्यक्रम में सब-इंस्पेक्टर (गोपनीय), असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (क्लर्क) और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (अकाउंट्स) जैसे पदों के लिए 912 सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे।
भले ही कुछ भर्तियों में कानूनी अड़चनें आई हों, लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि 'मिशन रोजगार' के तहत पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य है कि कानूनी विवादों का निपटारा कर योग्य युवाओं को जल्द से जल्द रोजगार से जोड़ा जाए।