लखनऊ: 'मेरा युवा भारत' ने शुरू किया छह दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम, 100 युवा होंगे तैयार

लखनऊ के आलमबाग में 'मेरा युवा भारत' ने स्वयंसेवकों के लिए छह दिवसीय इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें 4 जिलों के युवा हिस्सा ले रहे हैं।

Sushant Singh31 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ: 'मेरा युवा भारत' ने शुरू किया छह दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम, 100 युवा होंगे तैयार

युवाओं को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) ने एक बड़ी पहल की है। लखनऊ के आलमबाग स्थित यूथ हॉस्टल में स्वयंसेवकों के लिए छह दिवसीय इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। 31 अक्टूबर से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 नवंबर तक चलेगा, जिसका उद्घाटन मेरा युवा भारत, लखनऊ के उप निदेशक पुनीत गोयल ने किया।

इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में उत्तर प्रदेश के चार अलग-अलग जिलों—औरैया, मेरठ, फिरोजाबाद और उन्नाव से कुल 100 युवा स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं। ट्रेनिंग को बेहतर ढंग से चलाने के लिए प्रतिभागियों को दो बैचों में बांटा गया है। पहले बैच में मेरठ और फिरोजाबाद के युवा शामिल हैं, जबकि दूसरे बैच में औरैया और उन्नाव के स्वयंसेवकों को रखा गया है।

नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

प्रशिक्षण के पहले दिन का सत्र काफी व्यापक रहा, जिसमें युवाओं को न केवल परिचय और मूल्यांकन से गुजारा गया, बल्कि उन्हें अनुशासन, समय की पाबंदी और शिष्टाचार जैसे बुनियादी नियमों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। ग्रुप एक्टिविटीज के जरिए युवाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं ताकि उनमें टीम वर्क की भावना विकसित हो सके।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को युवा मामले और खेल मंत्रालय के विजन, मिशन और संगठनात्मक ढांचे की जानकारी दी गई। इसके साथ ही नेशनल सर्विस स्कीम (NSS), स्काउट्स एंड गाइड्स और यूथ क्लबों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। स्वयंसेवकों को नेशनल यूथ कॉर्प्स (NYC) योजना के उद्देश्यों और इसके पोर्टल के इस्तेमाल के बारे में भी गाइड किया गया।

ट्रेनिंग का एक मुख्य हिस्सा 'लीडरशिप डेवलपमेंट' रहा, जिसमें यह समझाया गया कि कैसे स्वयंसेवा के माध्यम से युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। युवाओं को एक आदर्श स्वयंसेवक के गुणों और सामुदायिक कार्यों के दौरान उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया। साथ ही, पाठ्यक्रम को रोचक बनाने के लिए खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।

इस पूरे छह दिवसीय कार्यक्रम का मूल उद्देश्य युवाओं को जमीनी स्तर पर सामाजिक और सामुदायिक विकास कार्यों से जोड़ना है, ताकि वे अपने जिलों में वापस जाकर अन्य युवाओं को प्रेरित कर सकें और उन्हें संगठित कर सकें।

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