मेरठ स्नेक मर्डर केस: मौत की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे रविता और अमरदीप
मेरठ के चर्चित स्नेक मर्डर केस में मौत की सजा पाने वाली रविता और अमरदीप ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की है। पूरी कहानी यहाँ पढ़ें।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सनसनीखेज 'स्नेक मर्डर केस' ने एक बार फिर कानूनी मोड़ ले लिया है। अमित कश्यप की हत्या के मामले में निचली अदालत से मौत की सजा पाने वाली दोषी रविता और उसके कथित प्रेमी अमरदीप ने अब इस फैसले को चुनौती दी है। दोनों ने अलग-अलग अपील के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अपनी सजा को रद्द करने की मांग की है।
यह पूरा मामला मेरठ के बरवह थाना क्षेत्र के अकबरपुर सदात गांव का है। आरोप है कि 17 अप्रैल 2025 की रात को रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। लेकिन इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे एक सामान्य मौत दिखाने की बड़ी साजिश रची। उन्होंने अमित के शव के पास एक सांप छोड़ दिया ताकि पुलिस और परिवार को यह लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है।
सांप की ग्रंथियां निकालीं, लेकिन पोस्टमार्टम ने खोल दी पोल
हत्यारों ने सोचा था कि उनका प्लान कामयाब हो जाएगा, लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि अमित की मौत सांप के जहर से नहीं, बल्कि गला घोंटने की वजह से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को एक और चौंकाने वाली बात पता चली कि जिस सांप को शव के पास छोड़ा गया था, उसकी जहर की ग्रंथियां (venom glands) निकाल दी गई थीं।
पुलिस ने जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले, तो रविता और अमरदीप के बीच के संबंधों का खुलासा हुआ, जिससे यह साफ हो गया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। सबूतों के आधार पर 7 अक्टूबर 2026 को ट्रायल कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 16 अक्टूबर 2026 को एडीजे-12 जयवीर सिंह नगर की अदालत ने इस अपराध को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम से दुर्लभ) श्रेणी में रखते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी।
अदालत ने फैसला सुनाते समय रविता के तीन बच्चों के भविष्य का भी ख्याल रखा और जिलाधिकारी को उनकी देखभाल और शिक्षा के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। अब यह मामला हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने होगा, जहां यह तय होगा कि निचली अदालत की सजा बरकरार रहती है या इसमें कोई बदलाव किया जाता है।