मेरठ पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 36 पुलिसकर्मियों के तबादले
मेरठ SSP बीबीटीएस मूर्ति ने प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत 36 इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर का तबादला किया है। पूरी लिस्ट यहाँ देखें।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीटीएस मूर्ति ने विभाग के भीतर व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल के तहत इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के कुल 36 पुलिसकर्मियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इन अधिकारियों के बदले गए ठिकाने
तबादला सूची में इंस्पेक्टर स्तर के कई बड़े नाम शामिल हैं। समयपाल सिंह को खरखौदा थाने से हटाकर कोतवाली भेजा गया है, जबकि अतुल कुमार सिंह अब दिल्ली गेट की जगह टीपी नगर की कमान संभालेंगे। मुकेश कुमार चौहान को पुलिस लाइन्स से दौराला और पंकज कुमार सिंह को कोतवाली से किठौर तैनात किया गया है। इसके अलावा, अरुण कुमार मिश्रा को टीपी नगर से सरधना, सुमन कुमार सिंह को दौराला से कंकरखेड़ा और ब्रह्म कुमार त्रिपाठी को मवाना से मुंडाली भेजा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण बदलावों में गौरव कुमार विश्नोई को जानी से सिविल लाइन्स, महावीर सिंह को साइबर सेल से मेडिकल और हरिओम सिंह को मेडिकल से साइबर सेल में तैनात किया गया है। वहीं, पूनम कुमारी को फलावड़ा से हटाकर सिविल लाइन्स में क्राइम इंस्पेक्टर बनाया गया है। सुबोध कुमार सरवसेना, रविंद्र कुमार सिंह और जितेंद्र सिंह को पुलिस लाइन्स में तैनात किया गया है।
सब-इंस्पेक्टर स्तर पर भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। अजय अवाना को खरखौदा टाउन चौकी से खरखौदा थाने, अजय शुक्ला को परतापुर से लोहिया नगर और अरुण भाटी को सिविल लाइन्स से नौचंदी भेजा गया है। विशाल कुमार अब लिसाड़ी गेट और सुमित तोमर एएचटीयू (AHTU) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सूची के अन्य नामों में गौरव सिंह को फलावड़ा, दुष्यंत कुमार को हस्तिनापुर और रामप्रकाश को सदर बाजार भेजा गया है। अजयदीप को एसएसपी कार्यालय से जानी, देवेंद्र कुमार मिश्रा को मुंडाली से मवाना और विजय कुमार को रेलवे रोड से लालकुर्ती तैनात किया गया है। इसके साथ ही, योगेंद्र कुमार को ग्रामीण स्वाट (SWAT) टीम का प्रभारी बनाया गया है।
एसएसपी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी देरी के अपने नए कार्यभार को संभालें। इस बड़े फेरबदल का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था को और मजबूत करना और प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाना है।