मेरठ: पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने का दावा, अब आरोपी के पैदल चलने का वीडियो वायरल

Shubham Singh20 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
मेरठ: पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने का दावा, अब आरोपी के पैदल चलने का वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस द्वारा किए गए एक एनकाउंटर पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने दावा किया था कि एक मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी थी, लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें वही आरोपी बिना किसी सहारे के तेजी से चलता नजर आ रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके दावों की सच्चाई पर चर्चा तेज हो गई है।

पूरा मामला फिरोज नाम के एक आरोपी से जुड़ा है, जिस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। फिरोज और उसके भाई इरशाद पर 11 सितंबर 2026 को हारून नाम के एक कबाड़ डीलर पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर 2026 की सुबह गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र में चेक पोस्ट सौंदा के पास फिरोज को पकड़ा गया था। पुलिस का कहना है कि जब उसे हथियार बरामदगी के लिए बजौत अंडरपास ले जाया जा रहा था, तब उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली फिरोज के बाएं पैर में लगी।

पुलिस के दावों और वायरल वीडियो में बड़ा अंतर

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें आरोपी फिरोज को पुलिसकर्मी अपने कंधों पर उठाकर ले जा रहे थे। पुलिस ने इसे पैर में लगी गंभीर चोट का प्रमाण बताया था। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे इलाज के लिए पीएल शर्मा अस्पताल भेजा गया। मौके से एक अवैध .315 बोर पिस्तौल और दो खाली कारतूस भी बरामद किए गए थे।

हैरानी की बात तब सामने आई जब 20 अक्टूबर 2026 को पत्रकार नरेंद्र प्रताप ने एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में दावा किया गया कि जब फिरोज को कोर्ट ले जाया गया, तो वह काफी तेजी से चलता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य पुलिस के उस दावे के बिल्कुल उलट है जिसमें उसे गंभीर रूप से घायल बताया गया था। फिलहाल, इस वीडियो और आरोपी की इस हालत पर मेरठ पुलिस या न्यायिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है।

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