नोएडा के कारोबारी से वसूली: मेरठ और मुजफ्फरनगर के तीन पुलिसकर्मी निलंबित

नोएडा के कारोबारी से लाखों की वसूली के आरोप में मेरठ और मुजफ्फरनगर के तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। पढ़ें पूरी खबर।

Sushant Singh23 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
नोएडा के कारोबारी से वसूली: मेरठ और मुजफ्फरनगर के तीन पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में खाकी को दागदार करने वाले तीन पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। नोएडा के एक कारोबारी से अवैध वसूली और प्रताड़ना के गंभीर आरोपों के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए इन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह पूरा मामला बैंक खातों को अनफ्रीज करने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने से जुड़ा है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब नोएडा के सेक्टर-93 (गेझा) के रहने वाले फर्नीचर कारोबारी शाहिद चौधरी ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। शाहिद, जो मूल रूप से दौराला के कल्ली गांव के निवासी हैं, का दावा है कि उन्हें लिसरी गेट पुलिस स्टेशन में अवैध रूप से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि उनके बैंक खातों को खोलने के बहाने उनसे 4.74 लाख रुपये की वसूली की गई।

क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी और वसूली का जाल

जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला 2 अगस्त 2026 को मेरठ ट्रेवल्स के मालिक शादाब द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है। यह शिकायत क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग और डिजिटल टोकन निवेश में धोखाधड़ी से संबंधित थी। इस मामले की आड़ में पुलिसकर्मियों ने वसूली का खेल शुरू किया।

आरोपों के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के खतौली थाने की पमनावली चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर आरिफ अली ने शाहिद की पत्नी के बैंक खाते को अनफ्रीज करने के बदले 1 लाख रुपये लिए और आगे और पैसों के लिए दबाव बनाया। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के जालसाज लविश चौधरी के लिंक होने की बात भी सामने आई है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने लिसरी गेट थाने के सब-इंस्पेक्टर अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुजफ्फरनगर के सब-इंस्पेक्टर आरिफ अली को भी सस्पेंड किया गया है। डीआईजी ने अब दोनों जिलों के एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि इन अधिकारियों के आचरण की गहनता से जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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